अलीगढ़। प्रो. नंदिता नारायण ने किसी एक व्यक्ति नहीं, कुलपति पद पर उंगली उठाई है। इसके लिए वो माफी मांगें, नहीं तो उन्हें एएमयू में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह कहना है एएमयू के शिक्षकों का। रविवार को एक प्रेसवार्ता में शिक्षकों ने जामिया मिलिया के प्रो. बादशाह खां पर भी कार्रवाई की मांग की है। प्रो. बादशाह ने अपने भाषण में एएमयू वीसी को स्मॉल एनीमल कहा था।
एएमयू के गेस्ट हाउस नंबर एक पर रविवार को शिक्षकों ने प्रेसवार्ता का आयोजन किया। ईसी सदस्य प्रो. हाफिज मुहम्मद इलियास ने कहा कि कोई एएमयू का हो या बाहर का किसी को भी एएमयू और कुलपति पद से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर फेडकुटा की अध्यक्ष प्रो. नंदिता नारायण ने एएमयू वीसी जमीरउद्दीन शाह के खिलाफ दिए अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगी तो उन्हें एएमयू में नहीं घुसने दिया जाएगा।
पूर्व चीफ प्रॉक्टर जमशेद सिद्दीकी ने कहा कि प्रो. नंदिता की आड़ में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के प्रो. बादशाह खां बच रहे हैं। उन्होंने भी अपने भाषण में वीसी को स्मॉल एनीमल कहा था। वो भी वीसी से माफी मांगें। पूर्व ईसी सदस्य डॉ. मुहम्मद शाहिद ने रोष जताते हुए कहा कि प्रो. नंदिता के बयान ने शिक्षक जगत को बहुत आहत किया है। इसके लिए दुनिया भर में फैले एएमयू के ओल्ड बॉयज से अपील की जाएगी कि वह अपने अनुसार प्रो. नंदिता के खिलाफ मुकदमा कराएं या कोर्ट में जाएं।
प्रेसवार्ता के दौरान ईसी सदस्य डॉ. उबैद सिद्दीकी, सदस्य एएमयू कोर्ट यूनस खान, डॉ. मुहम्मद शमीम, अमुटा सदस्य डॉ. शीबा मंजूर, डॉ. अब्दुल हकीम, प्रो. मुहम्मद खालिद, डॉ. नबी उल्लाह, प्रो. कमरूल हसन अंसारी, डॉ. मुहम्मद अली खां, प्रो. खुर्शीद आलम, प्रो. इकबाल परवेज आदि थे।