अगर मार्केट से कोई प्रोडक्ट खरीदा है, तो अब उसकी गुणवत्ता को आसानी से चैक किया जा सकता है। साथ ही अगर गुणवत्ता अच्छी नहीं है, तो एप से शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। दर्ज शिकायत का 90 दिन के अंदर निस्तारण करने का प्राविधान है।
अलीगढ़ डीएम इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में वस्तु गुणवत्ता के सम्बन्ध में संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन कलैक्ट्रेट में किया गया। कार्यशाला में बीआईएस एक्ट व बीआईएस केयर एप पर भी चर्चा हुई। भारतीय मानक ब्यूरो, उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा वस्तु गुणवत्ता के सम्बन्ध में नोएडा शाखा कार्यालय के उपनिदेशक जितेन्द्र कुमार एवं सहायक निदेशक हेमन्त कुमार ने डीएम, एसएसपी एवं सीडीओ की उपस्थिति में अधिकारियों के साथ संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की।
मोबाइल के प्ले स्टोर से बीआईएस केयर एप को इंस्टॉल किया जाता है, जिसकी सहायता से बड़ी आसानी से उत्पाद की गुणवत्ता के बारे में जानकारी कर सकते हैं। इसके साथ ही एप के माध्यम से शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं जिसका 90 दिन के भीतर निस्तारण किये जाने का प्राविधान है। बीआईएस एक्ट का उल्लंघन करने पर विभिन्न धाराओं में 01-02 वर्ष कारावास या 02 लाख रूपये तक का जुर्माना दोषी पर किये जाने का प्राविधान है। यदि कोई व्यक्ति या कम्पनी बार-बार नियमों का उल्लंघन करती है तो यह जुर्माना कम से कम 05 लाख, आभूषण की गुणवत्ता के मामले में आभूषण की कीमत के 10 गुणा तक जुर्माना किये जाने का प्राविधान है।
भारतीय मानक ब्यूरो की स्थापना 1946 में की गयी। वर्तमान में भारतीय मानक ब्यूरो के पास अपनी 05 क्षेत्रीय शाखाएं, 08 लैब एवं 280 निजी क्षेत्र की लैब हैं। बीआईएस 05 कोड एक्टिविटी के आधार पर कार्य करती है। सम्पूर्ण भारतवर्ष में 40 हजार से अधिक सदस्य हैं। हॉलमार्क, अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, इको मार्क, मैनेजमेंट सर्टिफिकेशन स्कीम एवं आईएसआई मार्क के साथ ही विभिन्न प्रकार के लिंक एवं एप के बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई गयी।
कार्यशाला में एसएसपी कलानिधि नैथानी, सीडीओ अंकित खण्डेलवाल, डीडीओ भरत कुमार मिश्र, डीपीओ स्मिता सिंह, श्रेयश कुमार, बीएसए सतेन्द्र कुमार ढ़ाका, एक्सईएन पीडब्लूडी संजीव पुष्कर, एडीआई संदीप कुमार, उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण पारिशा मिश्रा, एईएमआई वी0एस0 सुमन आदि उपस्थित थे।