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अमर उजाला संवाद: उद्यमी, अधिवक्ता, युवाओं ने उपभोक्ताओं के जागरूक होने पर दिया बल

Sat, 24 Dec 2022 04:15 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

उपभोक्ता जागरूकता को लेकर अमर उजाला संवाद में उद्यमी, अधिवक्ता, युवाओं ने शिरकत की। उपभोक्ता, उपभोक्ता फोरम, उपभोक्ता कानून पर  विचार विमर्श किया गया।
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अलीगढ़ में अमर उजाला संवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपने अधिकारों को जानना हर उपभोक्ता का कर्तव्य है। अगर अपने अधिकारों के लिए जागरूक हैं, तो कोई कंपनी या दुकानदार आपको ठग नहीं सकती। अधिकारों के लिए लड़ेंगे, तो जीतेंगे भी। बस, आपको ‘छोड़ो’ शब्द को तिलांजलि देनी होगी। आपकी जागरूकता से कंपनी और दुकानदारों की मनोदशा और तेजी से बदलेगी। यह मूलतत्व उद्यमी, अधिवक्ता, युवाओं के विचार-विमर्श से निकला। उन्होंने शुक्रवार को तालानगरी स्थित अमर उजाला कार्यालय में राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस पर आयोजित अमर उजाला संवाद में बतौर अतिथि विचार व्यक्त किए। 

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पहले की अपेक्षा आज लोगों में जागरूकता ज्यादा है। उपभोक्ता फोरम में देरी से फैसला आने के चलते उपभोक्ता उधर का रुख नहीं करते, क्योंकि उनके पास समय नहीं है। अगर इसमें सुधार हो जाए तो उपभोक्ताओं का फायदा होगा। -डॉ. नरेंद्र सांगवान, निदेशक, सांगवान सिटी

 जागरूकता की कमी है। उपभोक्ता फोरम का पोर्टल लांच होना चाहिए, जिसमें घर बैठे उपभोक्ता अपनी समस्या को दर्ज करा सकें और जल्द उसका निराकरण हो। इस दिशा में प्रयास होना चाहिए। भले ही उत्पाद के पैकेट या वस्तु पर टोल नंबर लिखे हों, लेकिन उससे सर्विस नहीं मिलती है। - गौरव मित्तल, सदस्य, फैसिलिटेशन काउंसिल मंडल व प्रदेश के महामंत्री, लघु उद्योग भारती
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उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति और जागरूक होना होगा। जागरूकता से ही उपभोक्ता के अधिकारों का संरक्षण किया जा सकता है। -नमन मंगला, मार्केटिंग हेड, ओजोन सिटी

उपभोक्ता संरक्षण के संबंध में एक एप एप्लीकेशन होना चाहिए, जहां समस्या का निराकरण हो। समाज में उपभोक्ता संरक्षण के लिए जागरूकता होनी चाहिए। उपभोक्ता अधिकारों के लिए लड़ना चाहते हैं, लेकिन इतनी अड़चनें होती हैं, जिसे देखकर कहते हैं छोड़ो, जाने दो। सच कहने की हिम्मत नहीं है। इससे बाहर निकलना होगा। -प्रहलाद सिंह चौहान, प्रबंध निदेशक, मैरी गोल्ड डोर किंग

उपभोक्ता के अधिकार के नाते किसी उत्पाद की शिकायत की थी। सरकार ने उपभोक्ता और बिल्डर के बीच सामंजस्य बनाने के लिए रेरा बनाया है। -सागर मंगला, निदेशक, ओजोन सिटी  

अधिकारों के लिए लड़ना पड़ता है, जो लड़ा है, उसे सफलता मिली है। इसका अनुभव स्वयं कर चुके हैं। उपभोक्ता को सेवा देने में नाकाम रेलवे विभाग से उन्होंने हर्जाना वसूल किया है। उन्होंने कहा कि जो जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए मुफ्त कानूनी मदद की जाती है। इसके लिए चौधरी लीगल एसोसिएट बना रखा है। -प्रतीक चौधरी,अधिवक्ता व आईटी एक्टिविस्ट

न तो सरकार अज्ञानता दूर कर रही है और न ही शिक्षित कर रही है। जागो ग्राहक केवल एक नाम है। उपभोक्ता संरक्षण के लिए उपभोक्ता को स्वयं लड़ना होगा। जागरूकता दिखाएंगे और अधिकार के लिए लड़ेंगे, तो जीतेंगे। अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करनी होगी। -शैलेश रावत,अधिवक्ता
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जागरूकता से ही उपभोक्ता अपने अधिकार जान सकेंगे। -शोभित जैन,निदेशक,मनकामेश्वर स्टील

उपभोक्ता कहां और किससे शिकायत करे, इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं होती है। इसलिए उन्हें जागरूक करने के लिए ठोस पहल होनी चाहिए। -बाबूलाल,उद्यमी

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