थाना रोरावर क्षेत्र से सोमवार को गिरफ्तार की गई रोहिंग्या महिला के तीन बच्चों में से एक बच्चे की उम्र के सत्यापन को लेकर किशोर न्याय बोर्ड के निर्देश पर प्रक्रिया शुरू की गई है।
रोहिंग्या महिला के तीन बच्चे हैं। दो बच्चे बहुत छोटे हैं। जबकि एक बच्चे की उम्र 12 वर्ष बताई गई है। लेकिन जिस बच्चे की उम्र 12 वर्ष बताई जा रही है उसकी उम्र को लेकर महिला के पास कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है। नियम है कि 6 वर्ष तक के बच्चे बंदी महिला के साथ जेल में रहेंगे। इस तरह जिस बच्चे की उम्र 12 वर्ष बताई जा रही है, किशोर न्याय बोर्ड के निर्देश पर उसके आयु के सत्यापन की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू की गई। आयु सत्यापन के बाद यह तय होगा कि वह बच्चा किसी गैर सरकारी संगठन, किसी संस्था के पास रहेगा या अन्य कोई विकल्प उपलब्ध रहेगा। थाना रोरावर प्रभारी के प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि रोहिंग्या महिला के साथ बच्चे के संबंध में आयु के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। आयु तय हो जाने के बाद उसके संबंध में फैसला लिया जाएगा।
पकड़े गए रोहिंग्या के दस्तावेजों की जांच शुरू
बिना पासपोर्ट वीजा और वर्क परमिट के रहे रहे दो रोहिंग्या के मामले में पुलिस ने इनसे मिले दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। इन रोहिंग्या में एक महिला शामिल है जिसे थाना रोरावर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। एक पुरुष शामिल है जिसे कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था।
यह दोनों रोहिंग्या संदिग्ध प्रमाण पत्रों के आधार पर पिछले करीब 10 वर्ष से अलीगढ़ में रह रहे थे। अब पुलिस और खुफिया एजेंसी इनके प्रमाण पत्र बनाने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। यह भी विवरण जुटाया जा रहा है कि यह किन-किन लोगों के संपर्क में थे। सोमवार को कोतवाली पुलिस ने मखदूम नगर नुक्कड़ वाली गली के रहने वाले अकील के मकान से लतीफ उर रहमान पुत्र मुख्तार अहमद निवासी गांव खंजरपाड़ा थाना ठिगनाप जिला कॉक्स बाजार बांग्लादेश को गिरफ्तार किया था।
दूसरी ओर थाना रोरावर पुलिस ने शाहपुरा के मुकेश के घर से असरुल निशां पत्नी अक्कास निवासी संमोथी पाड़ा जिला कॉक्स बाजार बांग्लादेश को गिरफ्तार किया था। महिला ने स्वीकार किया था कि वह एक एजेंट की मदद से 5 साल पहले ही भारत आई थी।