मिथराज हास्पिटल के प्रकरण की पीएमओ को भी ट्वीट कर जानकारी दी
मिथराज हास्पिटल प्रकरण में आयुष्मान योजना का लाभ मरीज को नहीं देने और बाद में उसकी मौत होने के मामले में अब स्वास्थ्य विभाग अलग से जांच करने की बात कह रहा है। दूसरी ओर गुरुवार को इस प्रकरण में हेल्प डेस्क इंडियन ने ट्वीट कर पीएमओ को पूरे मामले की जानकारी दी है। साथ ही मिथराज हास्पिटल के संचालक डॉ. राजेंद्र वार्ष्णेय ने भी पूरे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट किया।
हरदुआगंज के रहने वाले वीरपाल की आपरेशन के बाद 8 जुलाई को मौत हो गई थी। वीरपाल के पिता सुरेश व अन्य परिजनों ने आरोप लगाया था कि हास्पिटल में डाक्टरों ने मरीज के उपचार में लापरवाही बरती। आंतों को काटकर बाहर कूड़ेदान में फेंक दिया। जिससे वीरपाल की मौत हो गई। इस घटना के बाद मौके पर हंगामा हुआ। पुलिस के साथ पीएसी भी पहुंची। पुलिस ने आंतों को सील कर दिया।
जिलाधिकारी से शिकायत के बाद पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। चार डाक्टरों का पैनल मामले की जांच कर रहा है। इसी दौरान वीरपाल के परिजनों ने यह भी बात सार्वजनिक की कि वह वीरपाल आयुष्मान योजना का पात्र था और जब डाक्टरों को योजना के संबंध में बताया तो उन्होंने इसे नकारते हुए नगद भुगतान की मांग की। अब विभाग इस बिंदु के लिए अलग से जांच कराने की बात कह रहा है। दूसरी ओर हेल्प डेस्क इंडियन ने इस प्रकरण को पीएमओ को ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘यह प्रकरण आपके ध्यानार्थ है। आयुष्मान योजना विफल होती दिखाई दे रही है’। इस ट्वीट को पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह को भी टैग किया गया है।
‘मुख्य प्रकरण की जांच डाक्टरों का पैनल कर रहा है। आयुष्मान योजना का लाभ क्यों नहीं मिला? इस बिंदु पर अलग से जांच कराएंगे ’
- डॉ. खान चंद, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना
ईमानदार हास्पिटल है मिथराज, आयुष्मान में होता है इलाज: डॉ. राजेंद्र
वीरपाल की मौत प्रकरण पर मिथराज हास्पिटल के संचालक डॉ. राजेंद्र वार्ष्णेय ने गुरुवार को अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मिथराज एक साफ सुथरा और ईमानदार हास्पिटल है। वीरपाल की मौत आंतों में गैंगरीन से हुई। पोस्टमार्टम में भी यही कारण है। उसकी आंतों यानि शरीर के खराब हिस्से को विशेष कूड़ेदान में रखा। मरीज के परिजनों ने बताया कि चार लाख खर्च हुए। जबकि हकीकत में मरीज के सवा लाख रुपये खर्च हुए हैं। जहां तक जबड़े के इलाज के मामले का सवाल है तो जांच अधिकारी डेंटिस्ट नहीं थे। साथ ही वह हितपूर्ति की भी मांग कर रहे थे। न करने पर विपरीत रिपोर्ट दे दी। आयुष्मान योजना में अब तक चार मरीजों के बड़े आपरेशन हो चुके हैं। इसमें ब्रेस्ट कैंसर, किडनी आपरेशन भी शामिल हैं। मिथराज हास्पिटल गरीबों के इलाज के लिए संकल्पबद्ध है।