अलीगढ़ जिला कारागार में दहेज हत्या के मामले में निरुद्ध कैदी की 4 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज नहीं कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस के समझाने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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थाना गांधीपार्क क्षेत्र के धनीपुर मंडी निवासी 42 वर्षीय जितेंद्र उर्फ जीतू को दहेज हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने दस साल का कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। वह जिला कारागार में पिछले पांच साल से निरुद्ध था। 4 सितंबर की सुबह करीब छह बजे उसे सांस लेने में तकलीफ होने व पेट दर्द की शिकायत पर पहले जिला अस्पताल फिर जेएन मेडिकल काॅलेज ले जाया गया। यहां जितेंद्र उर्फ जीतू की माैत हो गई।
परिजनों का कहना है कि जीतू को पाइल्स और पीलिया की बीमारी थी। न्यायाधीश ने बाहर इलाज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन कारागार प्रशासन ने इलाज नहीं कराया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि तबीयत खराब होने पर जीतू को तत्काल उपचार के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में माैत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।