अलीगढ़ के बिल्डर राजेश अग्रवाल (मंगला) को रिहायशी प्रोजेक्ट ग्लोबल इंफ्राटाउन में निवेश के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फरार होने के आरोप में ओल्ड फरीदाबाद पुलिस ने गुड़गांव से गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। बताया गया है कि फरीदाबाद की एक महिला ने पीएम को खून से खत लिखकर अपने साथ हुई ठगी की जानकारी दी, तब कार्रवाई हुई।
पुलिस के मुताबिक राजेश मंगला ओजोन ग्रुप के मालिक प्रवीण मंगला का भाई है। उस पर फरीदाबाद और पलवल के लोगों का 30-40 करोड़ रुपये बकाया है। सेक्टर-19 में रहने वाले तरुण गुप्ता, सुभाष मंगला, अमित मंगला और विवेक गुप्ता ने सामूहिक रूप से पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि करीब एक साल पहले सेक्टर-19 स्थित एक मॉल में ग्लोबल ग्रुप इंफ्रा टाउन के नाम के आफिस से फोन आया और फोन करने वाले ने अलीगढ़ के क्वार्सी बाईपास में कंपनी की लांच होने वाली एक टाउनशिप के बारे में जानकारी देते हुए निवेश के लिए आमंत्रित किया।
एक दो दिन बाद तरुण, सुभाष, अमित और विवेक सेक्टर-19 स्थित कंपनी के दफ्तर पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात कंपनी के मालिक राजेश मंगला से हुई। बाद में राजेश ने यह भी बताया कि वह ओजोन ग्रुप के मालिक प्रवीण मंगला का भाई है।
विश्वास होने पर उक्त लोगों ने निवेश के लिए राजेश मंगला को लिखत पढ़त में 2.5 करोड़ रुपये दे दिए। कई महीने बाद पता चला कि आरोपी राजेश निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया है। इसमें पलवल के भी कई लोग शामिल हैं।
इसके बाद कुछ निवेशकों ने सेक्टर-19 स्थित कंपनी के दफ्तर के सामने प्रदर्शन कर घेराव करना शुरू कर दिया और पैसे वापस मांगने लगे। तभी से राजेश भूमिगत था। लोगों ने इसकी शिकायत ओल्ड थाना पुलिस में की थी। पुलिस ने 18 जुलाई को राजेश के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया था।