स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय निर्माण में घोटाला के मामले में लोधा के गांव आसना अजीतपुर के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध शनिवार को एफआईआर दर्ज हो गई। उन पर शौचालय निर्माण की धनराशि के दुरुपयोग समेत कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है। प्रधान को पुलिस ने वन चेतना तिराहा से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। ग्राम प्रधान आसना अजीतपुर संतोष कुमार पुत्र पूरन सिंह के खिलाफ ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी। जांच के दौरान कुल 200 शौचालयों के सापेक्ष 34 शौचालय बने ही नहीं थे। 39 शौचालयों के लाभार्थी भिन्न थे। शौचालय किसी और के नाम पर था और बना किसी और के यहां मिला।
इस तरह 73 शौचालयों में घपला मिला। ग्रामीणों ने प्रधान पर प्रति शौचालय शुल्क लेने का आरोप लगाया। इसकी रिपोर्ट मिलते ही डीएम ने आरोपी प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ एफआईआर के आदेश जारी कर दिए। एसओ मडराक ने बताया कि आसना अजीतपुर के प्रधान को सरकारी रुपयों के गबन, मानक के अनुरूप शौचालय का निर्माण न करने, लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ न देने के मामले में दर्ज मुकदमे में वन चेतना तिराहा से हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ होगी।
13.32 लाख के गबन मामले में हजियापुर प्रधान के खिलाफ भी एफआईआर
अलीगढ़। 25 शौचालय न बनवाने व सत्यापन ने आवंटन से भिन्न व्यक्ति के यहां शौचालय बनवाने के मामले में हजियापुर के प्रधान भी फंस गए हैं। 13.32 लाख के इस घोटाले में प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी समेत 4 लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। देर सांय तक एफआईआर दर्ज किये जाने की कार्रवाई चल रही थी। ग्रान पंचायत अधिकारी के निलंबन के आदेश हो गए हैं।
शौचालय निर्माण को आई धनराशि के गबन के आरोप में आसना अजीतपुर के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया है। हजियापुर में भी शौचालय निर्माण की राशि में गबन मामले में प्रधान व सचिव के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं।
-अनुनय झा, सीडीओ