कृष्णांजलि सभागार में बंजारा समाज के स्व.लक्खीशाह बंजारा मेमोरियल सेमिनार में समाज के नेताओं ने केंद्र सरकार पर समाज के लोगों को अनुसूचित जन जाति में शामिल किये जाने के मुद्दे पर हठधर्मिता का आरोप लगाया है। वक्ताओं ने कहा कि अलीगढ़ से निकाली जा रही शिष्टाचार बंजारा ज्योति पदयात्रा के माध्यम से समाज के लोग केंद्र सरकार को उसके कर्तव्य का बोध कराएंगे।
सेमिनार के मंच से पदयात्रा का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि एवं प्रदेश सरकार के परिवहन राज्य मंत्री मानपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सरकार ने बंजारा समाज को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिये राज्य केबिनेट कमेटी में ढ़ाई वर्ष पूर्व ही केंद्र सरकार को भिजवा दिया था। अब पार्टी मेमोरेंडम भेजकर दोबारा केंद्र को इस प्रस्ताव को पारित करने की याद दिलाएगी। लोकसभा एवं राज्यसभा में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामदुलार राजभर ने कहा कि बंजारा समाज को 60 वर्ष पूर्व ही आरक्षण मिल जाना चाहिए था। ज्योति पदयात्रा उसे उसके कर्तव्यों का बोध कराएगी। कार्यक्रम संयोजक एवं सपा राज्य कार्यकारिणी के पूर्व विशेष आमंत्रित सदस्य और समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नायक ने कहा कि समाज अपना अधिकार लेकर रहेगा। उन्होंने पदयात्रा कार्यक्रम की जानकारी भी दी। बताया कि पदयात्रा शनिवार को कृष्णांजलि से आरंभ होकर 19 जून को कटरा गभाना, 20 को खुर्जा, 21 को बुलंदशहर, 22 को सिकंदराबाद, 23 को कासना नोएडा, 24 को फेस टू नोएडा, 25 को अक्षरधाम दिल्ली, 25 को राजघाट तो 26 को संसद भवन नई दिल्ली तक जाएगी। यहां संगोष्ठी होगी।
कार्यक्रम में मोमराज नायक, ओमप्रकाश मुनीम, शामली के मांगेराम नायक, कार्यक्रम अध्यक्ष रहतूलाल नायक, बिजनौर के अशोक नायक, कन्नौज के महेश सिंह नायक, कासगंज के गजेंद्र सिंह, रोहन सिंह, सुखवीर बुलंदशहर, सतेंद्र नायक हाथरस, नत्थू सिंह, महेंद्र सिंह, मनीष नायक, ओमकार नायक आदि उपस्थित थे।