जिले से गुजरने वाले मथुरा-सादाबाद-जलेसर-अवागढ़ मार्ग को राज्य मार्ग-122 घोषित करने के बाद अब इसका भविष्य में चौड़ीकरण करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके मद्देनजर सड़क के दोनों ओर निर्धारित दूरी तक निर्माण कार्याें पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए हाथरस से गुजर रहे करीब 31 किलोमीटर मार्ग पर जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं।
मथुरा-सादाबाद-जलेसर-आवागढ़ मार्ग के किनारे अब अनधिकृत निर्माण नहीं हो सकेंगे। लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को भविष्य में चौड़ीकरण के दृष्टिगत संरक्षित घोषित कर दिया है। इसके लिए उप्र रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट 1945 को लागू कर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क के मध्य बिंदु से दोनों ओर 60 फीट की दूरी तक और अन्य क्षेत्रों में 75 फीट तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा।
यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर जगह-जगह चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि निर्धारित दूरी के भीतर भवन, दुकान, गोदाम या अन्य कोई स्थायी निर्माण कार्य करना प्रतिबंधित है। विभाग ने यह भी कहा है कि निर्धारित दूरी से आगे जो भी निर्माण होगा, उसे नियमानुसार ही किया जाए, अन्यथा उसे अवैध मानकर ध्वस्त कर दिया जाएगा।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा का कहना है कि यह कदम भविष्य में सड़क के चौड़ीकरण के दौरान अतिक्रमण और विवादों से बचने के लिए उठाया गया है। हाथरस से गुजरने वाले इस 31 किमी लंबे इस हिस्से पर निगरानी रखी जा रही है और कोई भी नया निर्माण नियमों के विपरीत पाया गया तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।