प्रदेश स्तर पर होने वाली इंवेस्टर्स समिट से पहले मंडलीय इंवेस्टर्स समिट की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 17 जनवरी को होने वाली इस समिट में अधिक से अधिक निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अब तक जिले से 7 हजार करोड़ के निवेश पर करार हो चुके हैं। अभी कुछ और बड़े निवेश के करार 17 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। इसे लेकर अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक सभी एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। मुख्यमंत्री की बैठक के बाद जनप्रतिनिधि और ज्यादा सक्रिय हो गए हैं।
संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेंद्र सिंह बताते हैं कि उनके विभाग के स्तर से अब तक 4 हजार करोड़ व टैक्सटाइल्स आदि को मिलाकर जिले से 7 हजार करोड़ के करीब निवेश पर करार हो चुके हैं। इसकी सार्वजनिक जानकारी 17 जनवरी को दी जाएगी। हैबिटेट सेंटर में आयोजित होने वाली समिट की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। साथ में कुछ अन्य प्रमुख फर्मों से करार पर बात चल रही हैं। उन्होंने बताया कि इसमें बुलाने के लिए वक्ताओं के अलावा शेयर निवेशक एक्सपर्ट आदि से भी वार्ता चल रही है। इस आयोजन को बड़े पैमाने पर सफल कराने की तैयारी है।
एडीए से 900 करोड़ के निवेश की तैयारी
इंवेस्टर्स समिट के लिए एडीए को शासन स्तर से 900 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है। इसमें अब तक आधा दर्जन निवेशकों से एमओयू हो चुके हैं। जिसमें रियल स्टेट, इंटीग्रेटिव टाउनशिप, ट्रांसपोर्ट नगर के कई परियोजनाओं के लिए निवेश है। एडीए अधिकारियों ने बताया कि महानगर के ओजोन ,सागवान, सर्राफ बिल्डर भी अपने अपने प्रोजेक्ट के प्रस्ताव रख चुके हैं। बिल्डरों के जो नक्शे किसी कारण विकास प्राधिकरण में लंबित पड़े हैं।
उन्हें भी शीघ्र पास कराने का कार्य किया जा रहा है। वही ट्रांसपोर्ट नगर के लिए निवेश कराने की पूर्ण योजना है। वही प्राधिकरण भी इंटीग्रेटिव टाउनशिप लाने का प्रस्ताव ला रहा है। जिसकी रूपरेखा तैयार कर शासन को भेज दी गई है। रियल स्टेट, इंटीग्रेटेव टाउनशिप, ट्रांसपोर्ट नगर में अलग-अलग 200-200 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। वहीं कुछ प्राइवेट निवेशक भी सामने आ रहे हैं।