कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट व मेला मजिस्ट्रेट मो. अमान ने किया। गुलाबी क्वीन छोरी के नाम से मशहूर प्रांजल दहिया ने मंच पर आते ही दर्शकों से कहा, राम राम अलीगढ़ वालो। कैसे हैं आप सारे, शुक्रिया मुझे यहां बुलाने के लिए। प्रांजल ने अपने सबसे लोकप्रिय गीतों को सुनाते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने दर्शकों की मांग पर मेरो बालम थानेदार चलावें जिप्सी.., थारी बीन पर नाचन आली छोरी कौनया मैं.., बेबी तेरे बर्डडे पे गोली चलवाएंगे..., नंगडा कै व्याह दी..., उड़ जईये रे कबूतर उड़ जईये रे..., 52 गज का दामन पैर मटक के चालुंगी..., आदि गीतों पर प्रांजल दहिया व डांस ग्रुप के कलाकारों ने विभिन्न गीतों पर नृत्य के जरिए दर्शकों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। प्रांजल की डांस की अपील पर दर्शक जमकर झूमे। गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। दर्शकों की मांग पर प्रांजल ने कई पंसदीदा गाने सुनाए। प्रांजल की गायकी का जादू युवाओं के सिर चढ़कर बोला।
नाइट में उमड़े दर्शक, टूटा रिकॉर्ड
हरियाणवी नाइट में दर्शकों के सिर पर प्रांजल का ऐसा खुमार चढ़ा कि वह एंट्री ना मिलने पर बेकाबू हो गए। इस दौरान धक्का-मुक्की के साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से अभद्रता तक कर दी गई। जोश व हुल्लड़ के बीच कई बार पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। सीटों पर खड़े होकर नाच रहे एवं कागज-बोतल फेंक रहे दर्शकों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठी तक फटकारनी पड़ी। भीड़ का आलम था कि जितने लोग मंच पर थे उससे चार गुना लोग मंच के बाहर एंट्री के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए।
नुमाइश में कोहिनूर मंच पर इस साल के सारे रिकॉर्ड टूट गए। सभागार के हाउसफुल हो जाने के बाद पुलिस को मजबूरन एंट्री रोकनी पड़ी। पुलिस के रोके जाने पर भीड़ ने हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस के साथ अभद्रता हुई तो मजबूरन पुलिस को लाठी का प्रयोग कर भीड़ को रोकना पड़ा। दर्शकों की बेकाबू हुई भीड़ ने बल्लियां तोड़ दीं। दर्शकों को बेकाबू देख पुलिस प्रशासनिक अफसरों के होश उड़ गए हालांकि किसी तरह दर्शकों को काबू में कर लिया गया।