सरकार की सख्ती के बाद भी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार एवं फर्जीवाडा रुक नहीं पा रहा है। ताजा मामला टप्पल ब्लॉक के बूढ़ाका गांव से जुड़ा है। यहां के प्रधान एवं उसके पति पर शौचालय निर्माण में अनियमितता, लोहिया आवासों की स्वीकृति में धनराशि लेने, मिट्टी के कार्य एवं चौपाल की मरम्मत आदि के नाम पर गड़बड़ी करने का आरोप है। इस प्रकरण में डीआईओएस की जांच के बाद डीपीआरओ ने एडीओ को प्रधानपति के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि बूढ़ाका गांव में कराए जा रहे विकास कार्यों में अनियमिता बरते जाने की शिकायत पर डीआईओएस ने गांव पहुंचकर जांच की। उन्होंने पाया कि ग्रामीणों ने प्रधानपति पर स्वच्छ भारत योजना में शौचालय निर्माण में रिश्वत लेना बताया है। लोहिया आवासों के चयन एवं निर्माण में भी धनराशि का लेन- देन करने की बात ग्रामीणों ने स्वीकार की हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने विकास कार्यों में अनियमितता एवं धनराशि के अनैतिक लेन - देने की बात सही पायी गयी। इस पर तत्कालीन प्रधान एवं प्रधानपति पर पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति की है। डीपीआरओ ने बताया कि जांच अधिकारी को चौपाल की मरम्मत में पुरानी ईटों के प्रयोग की बात भी सामने आयी है। निर्माण कार्य को अधोमानक मानते हुए चौपाल मरम्मत की धनराशि की वसूली एमबी तैयार करने करने वाले अवर अभियंता एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव से बराबर- बराबर हिस्सों में वसूलते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की भी संस्तुति की गयी है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में प्रधान व उसके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को एडीओ टप्पल आरपी सिंह को निर्देश दिए हैं।