आलू की कीमतों में गिरावट से राहत के लिए प्रदेश सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता योजना लागू की है। इसके तहत किसानों को अधिकतम 35 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
वर्ष 2026-27 में लागू यह योजना सभी जिलों के किसानों को लाभ देगी, जिसके लिए उद्यान विभाग ने ऑनलाइन मंच उपलब्ध कराया है। उपनिदेशक उद्यान बलजीत सिंह के अनुसार, अधिकतम दो हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल पर 200 क्विंटल तक अनुदान मिलेगा। पट्टे पर खेती करने वाले किसान भी योजना का लाभ ले सकेंगे।
अनुदान पाने के लिए आलू की बिक्री का भुगतान बैंक माध्यम से होना अनिवार्य है। किसानों को उत्पादन लागत का 25 फीसदी या लागत और बिक्री दर के अंतर की कम राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से मिलेगी। आवेदन के लिए आधार कार्ड, कृषक पहचान पत्र, बैंक पासबुक और खसरा-खतौनी दस्तावेज जमा करने होंगे।