अलीगढ़ के खेरेश्वर मंदिर में लगे पोस्टर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति द्वारा मंदिर परिसर में दुकान न लगाने की चेतावनी का उल्लेख है। मंदिर समिति का दावा है कि यह पोस्टर महाशिवरात्रि पर ही लगवाए गए थे। इसकी पुलिस प्रशासन को भी जानकारी थी। हम पहले से ही जांच पड़ताल कर किसी व्यक्ति को दुकान लगाने की मंदिर में अनुमति देते हैं।
महाशिवरात्रि के दिन करणी सेना नेता सचिन राघव मंदिर समिति के मंच से माइक पर दूसरे धर्म के दुकानदारों को चेतावनी दे रहे थे। इस दौरान पहुंचे एसएसपी नीरज जादौन ने पुलिस भेजकर सचिन को पकड़वाया था। बाद में पता चला कि सचिन ने मंदिर समिति के कार्यकर्ता से माइक छीनकर बोलना शुरू कर दिया। जब उससे पुलिस ने पूछा कि कौन दुकानदार है। तब वह एक फड़ वाले के पास लेकर गया, लेकिन तब तक वह फड़ वाला वहां नहीं मिला। फड़ वाले का नाम उसने अरमान बताया। हालांकि, जांच में पता चला कि कोई अमन नाम का फड़ वाला वहां फड़ लगा रहा था।
मंदिर समिति अध्यक्ष गहराज सिंह के अनुसार इस बात को सचिन राघव ने बेवजह तूल दिया था। इससे लोग भड़क सकते थे। उन्होंने बताया कि मंदिर पर लगे पोस्टर में उल्लेख है कि मंदिर पर दूसरे धर्म के व्यक्ति दुकान लगाने न आएं। उन्हें दुकान लगाने की अनुमति नहीं है। यह व्यवस्था पहले से है। पोस्टर महाशिवरात्रि पर ही पुलिस प्रशासन की अनुमति से लगाए गए थे। कुछ लोग इस मुद्दे को अपनी राजनीति के लिए प्रचारित कर रहे हैं।