साथ था महानगर अध्यक्ष, नहीं था एक रुपया
इस घटना के बाद से ही इनके साथ घूम रहे हिंदू महासभा के महानगर अध्यक्ष आदर्श पंडित ने अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में जानकारी दी है कि वह उस घटना के बाद से ही इन दोनों के साथ था। अब तक वह हरियाणा में रहे। गिरफ्तारी के समय हम गुड़गांव से नोएडा आ रहे थे। दिल्ली से नोएडा में प्रवेश कर रहे थे। वह नोएडा में किराये पर कमरा लेकर रहने के इरादे से आ रहे थे। मगर तभी हाईवे पर उन्हें पुलिस वाहन ने करीब 12 किमी पीछा कर जाम में घेर लिया और रुकते ही उन दोनों को पुलिस गाड़ी सहित अपने साथ ले गई। उसके पास किराये तक को पैसे न थे। बाद में उसने अपने दोस्त से पेटीएम से कुछ रुपये मंगाए, जिनकी मदद से वह अब अलीगढ़ आ रहा है।
दो कार्यकर्ता जमानत पर रिहा, एक के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी
पुलिस की सख्ती से निपटने को अब अखिल भारत हिंदू महासभा अदालत की शरण में है। एक तरफ जहां इस प्रकरण में जेल भेजे गए महासभा के दो कार्यकर्ताओं को अदालत से जमानत मिलने पर उन्हें रिहा कर दिया गया है। वहीं पूजा शकुन व उनके पति ने अदालत में सरेंडर के बजाय मंगलवार की निर्धारित तारीख पर अधिवक्ता के माध्यम से समय मांग लिया। जिस पर अदालत ने इस मामले में सरेंडर के लिए 8 तारीख नियत की है।
इधर, पुलिस ने एक महिला कार्यकर्ता के खिलाफ अदालत से कुर्की वारंट प्राप्त कर लिए हैं। एएसपी नीरज जादौन ने बताया कि पूजा शकुन पांडेय व उनके पति अशोक पांडेय निवासी बी दास कंपाउंड नौरंगाबाद की ओर से अदालत में सरेंडर याचिका दायर है, जिस पर मंगलवार की तारीख नियत थी। मगर यह दोनों अदालत में हाजिर नहीं हुए, बल्कि इनके अधिवक्ता ने समय मांग लिया। अब आठ फरवरी तारीख कर दी है। वहीं उन्होंने बताया कि इस मामले में एक आरोपी महिला कार्यकर्ता उत्तमा सिंह के खिलाफ अदालत ने धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस जारी कर दिया है।
वहीं इनके अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी के अनुसार इस मामले में जेल गए अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता राहुल निवासी बेगमबाग व अभिषेक निवासी नौरंगाबाद को जमानत मिलने के बाद मंगलवार केा रिहा कर दिया गया। इनकी रिहाई पर दोनों का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस कार्रवाई को पुलिस की दमनकारी नीति बताया।
अदालत में मुकदमा खारिज करने की अपील अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी के अनुसार इस मामले में अदालत में मुकदमा खारिज करने की अपील
दायर की गई है। एसीजेएम-3 के न्यायाय में दायर याचिका में अनुरोध किया गया है कि जिस जुर्म में पुलिस के वादी मुकदमा दर्ज करने की बात कह रहे हैं, उस जुर्म में मुकदमा बनता ही नहीं है। इसलिए यह मुकदमा खारिज किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में वह हाईकोर्ट में भी राहत के लिए अपील करेंगे।