137 पार्क, लेकिन क्या इतनी हरियाली पर्याप्त है?
नगर निगम के अनुसार शहर में 137 पार्क हैं। इनमें से 67 पार्कों के कायाकल्प का काम चल रहा है। पार्कों में पौधरोपण, घास, वॉकिंग ट्रैक, रोशनी और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। तालानगरी में भी एक बड़े पार्क की योजना तैयार की गई है। हालांकि शहर के सभी हिस्सों में हरित क्षेत्र समान नहीं है। कई नई कॉलोनियों में पार्क विकसित हुए हैं, जबकि कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों को पर्याप्त खुले और हरे स्थान उपलब्ध नहीं हैं।
दो साल में छह हजार पेड़ कटे
सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए पिछले दो वर्षों में जिले में करीब छह हजार हरे पेड़ों की कटाई हुई है। इनके बदले पौधारोपण की योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षों पुराने विकसित पेड़ों की भरपाई केवल पौधे लगाकर नहीं की जा सकती। पौधों का जीवित रहना और पेड़ बनने तक उनकी देखरेख भी उतनी ही जरूरी है।
20,500 पौधे लगाने का लक्ष्य, असली चुनौती उन्हें बचाने की
नगर निगम ने वर्ष 2026-27 में 20,500 पौधे लगाने की कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत बरौला जाफराबाद में 7,325, शहर के 90 वार्डों में 3,600, पार्कों में 7,075 और डिवाइडरों पर 2,500 पौधे लगाए जाएंगे। जुलाई में एक दिन में 21 हजार पौधे लगाने का अभियान भी चलाया गया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण का पैमाना केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि पौधों का जीवित रहना और उनका पेड़ बनना है।