फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक सप्ताह में प्रदूषण का स्तर हुआ बेकाबू

Tue, 10 Nov 2020 12:21 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
अलीगढ़ में छाई धुंध। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

दीपावली पर अक्सर वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने की संभावना बनी रहती है, लेकिन इस साल दीपावली से एक सप्ताह पहले ही प्रदूषण बेकाबू हो गया है। 31 अक्तूबर तक मात्र 150 से 160 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर चल रहा प्रदूषण नवंबर के पहले सप्ताह में ही 400 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक जा पहुंचा है। दीपावली पर इसके और भी बढ़ने की प्रबल संभावना है। इससे जहां एक ओर पर्यावरण प्रेमियों का बुरा हाल है तो प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों में भी बेचैनी है।

विज्ञापन


कोरोना काल में रही थी आदर्श स्थिति
मार्च में हुए कोरोना लॉकडाउन के दौरान पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति सुधर गई थी और पर्यावरण आदर्श स्थिति में पहुंच गया था। तीन माह तक चले लॉकडाउन के दौरान पर्यावरण प्रदूषण का स्तर 90 से 100 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर के मध्य रहा। बताते चलें कि आदर्श स्थिति में पीएम 10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।

जुलाई से अब तक पर्यावरण प्रदूषण के आंकड़े
-जुलाई-औसतन 128 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
-अगस्त-औसतन 132 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
-सितंबर-औसतन 140 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
-अक्तूबर-औसतन 150 से 155 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
-सात नवंबर-400 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर
इन चार जगहों का वातावरण में व्याप्त ध्वनि प्रदूषण व मानक
-ज्ञान सरोवर-57 डेसीबल, मानक-55 डेसीबल
-सेंटर प्वाइंट-78 डेसीबल, मानक-65 डेसीबल
-आईटीआई रोड इंडस्ट्रियल स्टेट-74 डेसीबल, मानक-75 डेसीबल
-दीनदयाल अस्पताल साइलेंट जोन-56 डेसीबल, मानक-50 डेसीबल
किस मद से कितना पॉल्यूशन
-पराली-22 प्रतिशत
- इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन-11 प्रतिशत
-वाहन-41 प्रतिशत
-सफाई-12 प्रतिशत

पिछले साल दीपावली पर प्रदूषण स्तर
-एक सप्ताह पूर्व 21 अक्तूबर 2019-पीएम-10-227 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
-दीपावली वाले दिन 28 अक्तूबर 2019-पीएम-10-262 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर
इस साल दीपावली से पहले पर्यावरण प्रदूषण का स्तर 400 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया है। दीपावली पर इसके और बढ़ने की संभावना है। हालांकि इस बार लोग जागरूक हैं और तेज आवाज वाले पटाखे न चलाने को लेकर तमाम कार्यक्रम चल रहे हैं। बावजूद इसके त्योहार पर प्रदूषण बढ़ना लगभग तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामगोपाल, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें