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Pollution: आंखों पर प्रदूषण का वार, आखों में जलन-किरकिरापन व एलर्जी, एक महीने में 7500 पहुंचे अस्पताल

Sun, 16 Nov 2025 05:12 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

नेत्र सर्जन डॉ. अमित गुप्ता कहते हैं कि प्रदूषण आखों का बड़ा दुश्मन बनकर सामने आया है। उनके यहां प्रदूषण की समस्या के चलते 70 से 75 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि एलर्जी बढ़ने पर कुछ मरीजों में कालापानी की भी शिकायत सामने आ रही है।
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एटा चुंगी जीटी रोड पर चल रहे पुल के निर्माण कार्य के दौरान वाहनों से उड़ रही धूल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ शहर में लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण अब लोगों की आंखों पर भारी पड़ रहा है। 15 अक्तूबर से पंद्रह नवंबर तक 7500 लोगों की आंखें बीमार हो गईं। यह आंकड़े केवल शहर के सरकारी अस्पतालों के हैं। जिला अस्पताल, डीडी अस्पताल, गांधी नेत्र चिकित्सालय और जेएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में प्रतिदिन 250 से अधिक लोग प्रदूषण के चलते पैदा हुई आखों की समस्या का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इनमें आंख में जलन, किरकिरापन और एलर्जी की शिकायत ज्यादा है। आंखें लाल हो रही हैं।

15 दिन पहले आखों में जलन होनी शुरु हुई। शुरू में तो ध्यान नहीं दिया। तकलीफ ज्यादा होने पर अस्पताल आए, यहां ड्राप दी है। - विजय राज सिंह, एटा चुंगी

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शुरू में आंखों में खुजली हुई थी। समझ नहीं आया। अस्पताल में दिखाने आए तो बताया कि धूल की वजह से हु्आ है। - अरुण कुमार सिंह, वैष्णो धाम कॉलोनी
डॉक्टर ने आंखों को दिन में कई बार पानी से धोने, ड्राप डालने और वाहन चलाते समय आंखों पर चश्मा पहनने को कहा है। - राहुल शर्मा, एटा चुंगी
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धूल के चलते आंखों में किरकिरापन की समस्या हुई है। डॉक्टर ने ड्राप लिखा है और धूल से बचाव करने को कहा है। - दीपक कुमार, नौरंगाबाद
बरसात के दिनों में वातावरण में इतनी अधिक धूल और प्रदूषण नहीं था। जैसे ही मौसम में नमी कम हुई है और शुष्कता बढ़ी है, सड़कों पर फैली धूल के कण वातावरण के वायुमंडल में फैल गए हैं। इसी धूल-भरे प्रदूषण का सीधा असर लोगों की संवेदनशील आंखों पर दिखाई दे रहा है।- एमके माथुर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डीडी अस्पताल

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कितने मरीज कहां 

(सिर्फ प्रदूषण के चलते हुई समस्या के कारण)

शनिवार को अलीगढ़ का एक्यूआई 239 रहा, जो गंभीर श्रेणी है
स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब शनिवार की शाम को अलीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 239 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।

समस्या बढ़ने पर होती है कालापानी (ग्लूकोमा) की शिकायत
गांधी नेत्र चिकित्सालय के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. अमित गुप्ता कहते हैं कि प्रदूषण आखों का बड़ा दुश्मन बनकर सामने आया है। उनके यहां प्रदूषण की समस्या के चलते 70 से 75 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि एलर्जी बढ़ने पर कुछ मरीजों में कालापानी की भी शिकायत सामने आ रही है।
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