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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट को नकारा गया

Thu, 28 Dec 2017 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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लोधा क्षेत्र के अमरपुर कोडरा में हैंडपंप से आ रहे गंदे पानी को दिखाते लोग। - फोटो : Amar Ujala
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अमरपुर कोंडला और आसपास के गांव में बुधवार को भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी पहुंचे और उन्होंने वहां के ग्रामीणों से बात कर उनकी समस्याएं जानी। वहां के हैंडपंपों का पानी चेक किया और दूषित भूजल के साथ बदबू की समस्या से दो चार हुए। ्
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मोर्चा के जिला सह प्रमुख ठा.राकेश सिंह ने बताया कि वहां के हैंडपंपों से रक्तयुक्त दूषित जल निकल रहा है जो पीना तो दूर नहाने के काम में भी नहीं आ सकता है। इसकी वजह से वहां के लोग खासे परेशान हैं। जब मौके से इसकी जानकारी एडीएम सिटी एसबी सिंह को दी गई तो उन्होंने एसीएम प्रथम रामसूरत पांडेय को भेजा। उनके साथ जल निगम की टीम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। जलनिगम की टीम ने भूजल के नमूने भरे जिनको जांच के लिए भेजा जा रहा है। 

सह प्रमुख राकेश सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। वहां के लोगों से उनकी समस्याएं जानी। मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने वहां कहा कि अगर अवैध रूप से संचालित हो रहे कट्टीघर बंद नहीं कराए गए तो हाईवे का बाईपास जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जानकारी सीधे सीएम योगी को दी जाएगी। कार्यकर्ताओं ने ये भी आरोप लगाया है कि कुछ जगहों पर कट्टी का काम कुछ अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है। यहां पर संदीप कुशवाह, संदीप अग्रवाल, सुनील कुशवाह, नितिन कुमार, चंद्रप्रकाश आदि मौजूद रहे। गौर हो कि सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने यहां के भूजल को सही बताया था जिसके बाद उनकी जांच रिपोर्ट पर सवाल उठे। सांसद सतीश गौतम की ओर से भेजी गई टीम ने भी वहां का भूजल दूषित पाया था। 
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इस प्रकरण में एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि जल निगम की टीम ने दूसरी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। इससे पहले वर्ष 2016 में भी वहां के भूजल की जांच कराई गई थी, जिसमें पानी की रिपोर्ट लगभग सही आई थी। उन्होंने कहा कि किसी को भी अशांति नहीं फैलाने दी जाएगी। जनस्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। पशुओं के अवशेष कहीं भी नहीं फेंके जा सकते हैं। बदबू फैलाने वाली मीट उत्पादन इकाईयों पर भी कार्रवाई होगी। नियमानुसार प्रदूषण नियंत्रण के सभी उपाय करने पर सख्ती बरती जाएगी। जिससे वातावरण दूषित न हो। जल निगम की रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही होगी। 
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