पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को जिले भर पूरे दिन शांतिपूर्वक ढंग मतदान हुआ लेकिन शाम होते-होते लोधा ब्लॉक में क्वार्सी थानांतर्गत गांव तालसपुर कलां में बखेड़ा हो गया।
फर्जी मतदान के आरोप पर एक प्रत्याशी के पति ने दूसरे प्रत्याशी के बेटे को पीट दिया तो समर्थक आपस में भिड़ गए। उनके बीच जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग तक हुई। इधर पुलिस ने प्रत्याशी के पति को हिरासत में ले लिया तो गुस्साए लोगों ने रामघाट रोड पर जाम लगा दिया।
इधर गांव में पुलिस पर पथराव के दौरान पुलिस द्वारा हवाई फायरिंग की भी चर्चा रही। घंटों समझाने के बाद प्रत्याशी के पति को छोड़े जाने पर ही जाम खोला गया। इसके अलावा जिले में दिन भर फर्जी मतदान को लेकर शोरशराबा व शिकायतों का दौर चला।
लोधा ब्लाक के रामघाट रोड स्थित गांव तालसपुर कलां में प्रधान के लिए महिला आरक्षित सीट पर कई प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां सुबह से शांतिपूर्वक मतदान चल रहा था।
दुपहर में हल्की सी कहासुनी पर पुलिस ने दो प्रत्याशी पतियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इसके बाद शाम साढ़े तीन बजे करीब एक प्रत्याशी के बेटे से फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए दूसरे प्रत्याशी पति ने ऐतराज जताया।
इसे लेकर विवाद बढ़ा तो वहां प्रत्याशी पति ने दूसरे प्रत्याशी के बेटे के साथ मारपीट कर दी। आरोप है कि बाद में फायरिंग भी हुई। इस सूचना पर क्वार्सी पुलिस वहां दौड़ती हुई पहुंची तो हमलावर प्रत्याशी पति अरविंद उर्फ बंटू चौधरी व उसके दो समर्थक हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिए।
दूसरेे पक्ष के लोग पुलिस को देखकर भाग गए। इस दौरान पुलिस ने हिरासत में लिए तीनों लोगों को थप्पड़ भी जड़ दिए। बस यह देख पब्लिक भड़क गई और एक पक्षीय कार्रवाई और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पथराव कर दिया। जैसे-तैसे पुलिस वहां से निकली। चर्चा है कि पुलिस की ओर से बचने के लिए हवाई फायरिंग तक की गई। मगर पुलिस इस चर्चा को सिरे से नकार रही है।
बाद में पब्लिक गांव से निकलकर रामघाट रोड पर आ गई और हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत छोड़ने की मांग को लेकर जाम लगा दिया। इसी बीच खबर पर वहां कमिश्नर चंद्रकांत, डीआईजी गोविंद अग्रवाल, एसपी सिटी डॉ. ब्रजेश सिंह, सीओ द्वितीय सत्यप्रकाश आदि भी पहुंच गए और बमुश्किल समझाबुझाकर जाम खुलवाया।
तय हुआ कि सुलहनामे के साथ सभी को थाने से छुड़वाया जाएगा। गांव से कुछ लोग थाने चले जाएं। तब जाकर भीड़ सड़क से हटकर गांव के कौने पर तब तक जमा रही, जब तक कि यह लोग छूटकर नहीं पहुंच गए। इस दौरान जमकर पुलिस विरोधी नारेबाजी हुई।