खुद योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ जहां तालानगरी की स्थापना से लेकर प्रदेश के विकास, अपराध, भ्रष्टाचार आदि के उदाहरण पेश करते हुए कहा कि ये सब उन्हीं के बताए मार्ग के सहारे हो रहा है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान ने उदाहरण दिए कि आदिवासी वर्ग की महिला को राष्ट्रपति बनाना व ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को उपराष्ट्रपति बनाना भाजपा शासन काल में संभव है, जो कल्याण सिंह के बताए मार्ग के सहारे हो रहा है। ये सब राष्ट्रवाद के संरक्षण के उदाहरण हैं।
हिंदुत्व त्रिवेणी के सहारे 50 फीसदी वोटों पर नजर
इस मंच से कई नेताओं ने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के वोटरों का जिक्र करते हुए यहां तक कहा कि बाबूजी सिर्फ किसी एक वर्ग या जाति के नेता नहीं थे। 50 फीसदी ओबीसी वर्ग में कुछ एक वर्गों को छोड़ दें तो कुर्मी, कहार, निषाद, कश्यप, जाट, मल्लाह, केवट आदि वर्ग ऐसे हैं, जो बाबूजी से बहुत करीब से जुड़े थे। बाबूजी भी गरीब, किसान, झुग्गी-झोपड़ी वाले इस वर्ग से बेहद करीब से जुड़े थे।
मंच से नेताओं ने गिनाया कि कल्याण सिंह राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, सबका साथ सबका विकास, भ्रष्टाचार-अपराध मुक्त समाज की नींव रखने वाले हिंदुत्व के नायक थे।