ग्राम पंचायतों की सबसे अहम प्रथम बैठक राजनीति की भेंट चढ़ गई है। लगातार दूसरे दिन भी अफसरों व प्रधानों के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले की 70 से अधिक ग्राम पंचायतों में विपक्षी वार्ड सदस्यों के बहिष्कार के चलते बैठक नहीं हो सकी। जिला पंचायत राज विभाग इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए अगली तारीखों पर विचार कर रहा है।
प्रधानों के शपथ ग्रहण करने के बाद बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक होनी थी, लेकिन प्रथम दिन ही राजनीति के चलते 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में विपक्षी वार्ड सदस्यों ने बैठकों का बहिष्कार कर दिया। कुछ ग्राम पंचायत सदस्य बैठकों में तो पहुंचे, लेकिन परिचय के तुरंत बाद वर्कआउट कर गए। बताते चलें कि अलीगढ़ की 867 ग्राम पंचायतों में से 460 ग्राम प्रधानों का ही सदन पूरा हो सका था। इनकी ग्राम पंचायतों में प्रधान के अलावा दो तिहाई ग्राम पंचायत सदस्य मौजूद थे। शेष बची 407 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कोरम पूरा न होने के कारण शपथ नहीं हो सकी। इन ग्राम पंचायतों में प्रशासक पूर्व की भांति तैनात हैं और वित्तीय व प्रशासनिक काम संभाल रहे हैं।
शपथ भी मात्र 459 प्रधानों की हुई। एक प्रधान किसी मामले में जेल में निरुद्ध होने के चलते शपथ नहीं ले सकी। शेष 459 ग्राम पंचायतों में बृहस्पतिवार को प्रथम बैठक होनी थी। इसमें नियोजन समेत 6 समितियों के अध्यक्ष चुने जाने थे, लेकिन 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में विपक्ष के बहिष्कार के चलते ऐसा नहीं हो सका। जिला पंचायत राज विभाग ने शुक्रवार को बैठक करने के आदेश दिए, लेकिन पूरे दिन में मात्र 29 ग्राम पंचायतों में बैठक हो सकी। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने बताया कि जिन पंचायतों में बैठक नहीं हो सकी है, उनके लिए अगली तारीख निर्धारित की जाएंगी।