पूर्व सांसद बिजेेंद्र सिंह एवं पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह के तीखे सवाल भाजपा नेताओं को चुभते हैं। यहीं कारण है कि अक्सर इन नेताओं के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमाता है। दोनों नेताओं के सपा में शामिल होने के बाद भाजपा नेता जिले के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हैं। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि बिजेंद्र एवं जमीरउल्लाह फ्यूज बल्ब हैं, जनता द्वारा नकारे जा चुके हैं। अब अस्तित्व बचाने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं।
पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह एक बार सांसद व इगलास विधान सभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। हाजी जमीरउल्लाह शहर एवं कोल विधान सभा क्षेत्र के विधायक रह चुके हैं। बिजेंद्र सिंह एवं जमीरउल्लाह अक्सर भाजपा पर हमला बोलते रहते हैं। जवाब देने में भाजपाई भी पीछे नहीं रहते। जिससे जिले की राजनीति गरमा जाती है। अभी कुछ दिन पहले अकराबाद क्षेत्र में हैंडपंप पर विदेशी झंडा लगने पर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया था। पूर्व सांसद बिजेंद्र चौधरी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। एएमयू में जिन्ना प्रकरण एवं अन्य मुद्दों पर चौधरी बिजेंद्र एवं जमीरउल्लाह खुलकर भाजपा के विरोध में सामने आए थे।
बिजेंद्र एवं जमीरउल्लाह जैसे लोगों के लिए भाजपा में जगह नहीं है। कांग्रेस खत्म हो चुकी है। इनके कही आने-जाने से राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। दोनो फ्यूज बल्ब है।
- चौधरी ऋषिपाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष
बिजेंद्र एवं जमीरउल्लाह अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहे हैं। दोनो चुनाव हारते-हारते तंग आ चुके हैं। ये लोग अब जनता की नजरों से गिर चुके हैं। इसलिए किसी भी पार्टी में जाएं, कोई असर पड़ने वाला नहीं है।
- विवेक सारस्वत, भाजपा, महानगर अध्यक्ष
साइकिल से संसद एवं विधानसभा में पहुंचने का सपना
भाजपा नेताओं के बीच चर्चा है कि पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह का कांग्रेस में कद घट गया था। इससे वह बेचैन थे। अब वह साइकिल पर बैठकर दिल्ली जाने का सपना देख रहे हैं। जबकि जमीरउल्ला की 2022 के विधान सभा चुनाव पर नजर है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस से आए पूर्व सांसद एवं विधायक को सपा कार्यकर्ता व नेता ही नहीं पचा पाएंगे। आने वाले समय में घमासान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।