कलेक्ट्रेट पर एकत्रित कई संगठनों के लोग। संवाद
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तीन दिन पहले थाना मुरसान क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में दो युवकों की गिरफ्तारी के मामले में पुलिस घिर गई है। ग्रामीणों व परिजनों ने इसे फर्जी बताते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय घेर लिया। इनका आरोप है कि पुलिस ने घर से ले जाकर दोनों युवकों की मुठभेड़ में गिरफ्तारी दिखाई और एक युवक के पैर में गोली मार दी। हंगामे के बाद एसपी ने एसओ मुरसान को हटा दिया है।
सपा के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन भी हाथरस पहुंच गए और उन्होंने फर्जी मुठभेड़ में शामिल पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व विधायक प्रताप चौधरी व भारतीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ता परिजनों व ग्रामीणों के साथ सोमवार को सुबह करीब 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंच गए और करीब एक घंटे तक डीएम कार्यालय घेरकर हंगामा किया।
इनका कहना है कि पुलिस ने बढ़ाकलां के दो युवकों सोनू उर्फ ओमवीर सिंह व देवा को मुठभेड़ गिरफ्तार करने का दावा किया था। इनमें सोनू उर्फ ओमवीर के पैर में गोली लगी थी। आरोप है कि पुलिस दोनों को पूछताछ के नाम पर घर से ले गई थी।
पूर्व विधायक और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि दोनों युवक बेगुनाह हैं। खाद विक्रेता अमित अग्रवाल से खाद की खरीद से इनका विवाद हुआ था, जिसे पुलिस की मिलीभगत से लूट की कोशिश का रूप दे रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
हंगामे और डीएम कार्यालय के घेराव की सूचना पर मुरसान के अलावा कोतवाली सदर, कोतवाली हाथरस गेट, चंदपा और सादाबाद थानों की पुलिस भी बुला ली गई। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण व सीओ सादाबाद अमित पाठक ने पूर्व विधायक व किसानों को समझाने का प्रयास किया। बाद में डीएम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद भीड़ कलेक्ट्रेट से हटी।
- मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। एसओ को हटा दिया गया है। जांच में जो भी स्थिति सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी