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नोएडा जाने को पैदल निकले टिकैत: पुलिस ने टप्पल में रोका, शाम 7 बजे तक डटे रहे किसान, एक्सप्रेस-वे किया जाम

Thu, 05 Dec 2024 11:34 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

भूमि अधिग्रहण मुआवजे को लेकर नोएडा के जीरो प्वाइंट पर किसानों की महापंचायत चल रही है। वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार भूमि अधिग्रहण का 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और किसानों की खाली जमीन पर सरकारी कब्जा खत्म कर उसे किसानों को वापस करने की मांग कर रहे हैं।
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अलीगढ़ के टप्पल थाने में मौजूद भाकियू नेता राकेश टिकैत - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नोएडा के जीरो प्वाइंट पर चल रहे धरने में शामिल होने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को 4 दिसंबर को समर्थकों के साथ नूरपुर में यमुना एक्सप्रेस-वे पर रोक लिया गया। इससे भड़के किसानों ने जमकर हंगामा किया और यमुना एक्सप्रेस-वे को जाम कर दिया। इस दौरान किसानों की अफसरों के साथ नोकझोंक भी हुई। बाद में किसानों को टप्पल थाने ले जाया गया जहां उन्होंने धरना लगा दिया। दोपहर को एक बजे से शाम सात बजे तक किसान यहां डटे रहे।

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भूमि अधिग्रहण मुआवजे को लेकर नोएडा के जीरो प्वाइंट पर किसानों की महापंचायत चल रही है। वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार भूमि अधिग्रहण का 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और किसानों की खाली जमीन पर सरकारी कब्जा खत्म कर उसे किसानों को वापस करने की मांग कर रहे हैं। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी टप्पल से किसानों को लेकर नोएडा के लिए करीब 11 बजे निकले थे। पुलिस को जब भनक लगी तो उनके काफिले को पुलिस ने रोक लिया। इस पर टिकैत किसानों के साथ पैदल जाने लगे। पुलिस ने सभी को बस में बैठाया और थाने ले आए। यहां सारा दिन किसानों का धरना चला, जिसे राकेश टिकैत ने संबोधित किया।

किसान नेताओं को टप्पल में ही रोक लिया गया था। सरकार ने किसानों की मांगों को मान लिया है। इसके बाद देर शाम किसान नेता राकेश टिकैत और उनके समर्थकों के काफिले को टप्पल इंटरचेंज से जाने की इजाजत दी गई । किसान नेता राकेश टिकैत ने जिले भर में चल रहे किसानों के धरना व आंदोलन को समाप्त करने को भी कहा है। इसके लिए उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट भी किया है, जिसमें चल रहे धरने को समाप्त करने की अपील की गई है।- विशाख जी. जिलाधिकारी अलीगढ़

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यमुना एक्सप्रेस वे पर किसानों को रोकने का फैसला कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया । किसानों को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि बिना अनुमति के किसी भी तरह का मार्च या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। किसानों द्वारा यमुना एक्सप्रेस वे पर एक साइड पूरी तरह अवरुद्ध करने पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई । यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की बात सरासर गलत है। कानून व्यवस्था बनाने के लिए राकेश टिकैत व अन्य किसानों को बातचीत के लिए थाने लाया गया था। - संजीव सुमन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

नोएडा जाने को पैदल निकले टिकैत...मनाने को पीछे पीछे हो लिया था अमला

टप्पल पर निगाह थी हर किसी की। शासन से लेकर प्रशासन तक पल पल की रिपोर्ट ले रहा था। लखनऊ में बैठे आला अधिकारी भी अलीगढ़ के अफसरों से जानकारी करते रहे। यहां अधिकारियों की बेचैनी तब बढ़ी जब राकेश टिकैत किसानों को साथ लेकर पैदल की नोएडा के लिए जाने लगे। अधिकारी भी पीछे पीछे हो लिए और उन्हें मनाने लगे। जब तक टिकैत वापस नहीं हुए अधिकारियों की बेचैनी दूर नहीं हुई।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पिछले तीन दिन से अलीगढ़ में डेरा जमाए थे। बुधवार को सभी किसान टप्पल क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के पास इकट्ठा हुए थे। टिकैत भी नोएडा जाने के लिए किसानों के साथ यहां पहुंच गए। कुछ ही देर में इलाका किसानों के नारों से गूंजने लगा। सरकार के प्रति भी भाकियू के लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। जब किसान नोएडा के लिए कूच करने लगे तब पुलिस ने इन्हें रोक लिया। इस पर भड़के किसान नारेबाजी करने लगे। राकेश टिकैत भी किसानों के साथ पैदल नोएडा के लिए चल दिए। इससे अफसर बेचैन हो गए और किसी तरह से किसानों को शांत किया। बाद में सभी किसान टप्पल थाने पर आ गए। यहां धरना शुरू कर दिया गया। आसपास के क्षेत्र के किसानों को लगा कि टिकैत को गिरफ्तार कर लिया गया है। बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंचने लगे। बाद में अधिकारियों ने सभी को सही जानकारी दी।
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राकेश टिकैत बोले-किसानों के हित की लड़ते रहेंगे लड़ाई

टप्पल थाने में राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के हक के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेंगे। राकेश टिकैत बार-बार कहते रहे कि वह दिल्ली नहीं बल्कि नोएडा के जीरो प्वाइंट पर चल रही महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे। प्रशासन कह रहा है कि किसानों की समस्या दिल्ली नहीं लखनऊ स्तर की है। यदि समस्या का निराकरण नहीं होता तो ट्रैक्टरों से किसान लखनऊ कूच करेंगे। प्रशासन ने उन्हें रोककर अपना ट्रायल दिखाया है तो किसान भी अपना ट्रायल दिखाएंगे। उन्होंने साफ किया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक किसान शांत नहीं बैठेंगे।

सात घंटे तक चली कई दाैर की वार्ता
आईजी जोन आगरा दीपक कुमार, डीएम विशाख जी., एसएसपी संजीव सुमन, एडीएम प्रशासन पंकज कुमार, एसपी देहात मुकेश चंद्र उत्तम आदि अफसरों ने अपरान्ह 12 बजे नूरपुर में राकेश टिकैत से वार्ता की, लेकिन मांगों को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। इसके बाद टप्पल थाने में जनसुनवाई कक्ष में कई दाैर में करीब सात घंटे तक बातचीत हुई। शाम करीब सवा चार बजे राकेश टिकैत जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकले। इसके बाद दोबारा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मांगें मान ली गई हैं। नोएडा में हमारे 168 कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया था, उन्हें छोड़ दिया गया है। अन्य मांगें भी मान ली गई हैं।

कासगंज-अलीगढ़ मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास
भारतीय किसान यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव व तहसील अध्यक्ष जगदीश यादव को किसानों के साथ सीओ अतरौली सर्जना सिंह और थानाध्यक्ष गंगीरी सुमित गोस्वामी ने गांव बिलोना व मलसई के बीच रोक लिया। किसान नोएडा की महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को टप्पल बाॅर्डर पर यमुना एक्सप्रेस वे पर पुलिस ने पकड़ लिया है और टप्पल थाने ले आई है। इस पर गुस्साए किसानों ने कासगंज-अलीगढ़ मार्ग पर बैठकर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाते हुए सड़क से एक ओर कराते हुए एक दुकान पर बिठा दिया। शाम तक सभी किसान यहीं पर धरने पर बैठे रहे। यहां जिला उपाध्यक्ष अब्दुल रियाज, वासिब शेरवानी, प्रधान बनी सिंह यादव, प्रधान बबलू यादव, दिनेश यादव, योगेश कुमार, रिंकू यादव, पप्पू सिंह, कैलाश चंद्र, पवन शर्मा, अजय कुमार आदि थे। 
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