टप्पल पर निगाह थी हर किसी की। शासन से लेकर प्रशासन तक पल पल की रिपोर्ट ले रहा था। लखनऊ में बैठे आला अधिकारी भी अलीगढ़ के अफसरों से जानकारी करते रहे। यहां अधिकारियों की बेचैनी तब बढ़ी जब राकेश टिकैत किसानों को साथ लेकर पैदल की नोएडा के लिए जाने लगे। अधिकारी भी पीछे पीछे हो लिए और उन्हें मनाने लगे। जब तक टिकैत वापस नहीं हुए अधिकारियों की बेचैनी दूर नहीं हुई।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पिछले तीन दिन से अलीगढ़ में डेरा जमाए थे। बुधवार को सभी किसान टप्पल क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के पास इकट्ठा हुए थे। टिकैत भी नोएडा जाने के लिए किसानों के साथ यहां पहुंच गए। कुछ ही देर में इलाका किसानों के नारों से गूंजने लगा। सरकार के प्रति भी भाकियू के लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। जब किसान नोएडा के लिए कूच करने लगे तब पुलिस ने इन्हें रोक लिया। इस पर भड़के किसान नारेबाजी करने लगे। राकेश टिकैत भी किसानों के साथ पैदल नोएडा के लिए चल दिए। इससे अफसर बेचैन हो गए और किसी तरह से किसानों को शांत किया। बाद में सभी किसान टप्पल थाने पर आ गए। यहां धरना शुरू कर दिया गया। आसपास के क्षेत्र के किसानों को लगा कि टिकैत को गिरफ्तार कर लिया गया है। बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंचने लगे। बाद में अधिकारियों ने सभी को सही जानकारी दी।
टप्पल थाने में राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के हक के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेंगे। राकेश टिकैत बार-बार कहते रहे कि वह दिल्ली नहीं बल्कि नोएडा के जीरो प्वाइंट पर चल रही महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे। प्रशासन कह रहा है कि किसानों की समस्या दिल्ली नहीं लखनऊ स्तर की है। यदि समस्या का निराकरण नहीं होता तो ट्रैक्टरों से किसान लखनऊ कूच करेंगे। प्रशासन ने उन्हें रोककर अपना ट्रायल दिखाया है तो किसान भी अपना ट्रायल दिखाएंगे। उन्होंने साफ किया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक किसान शांत नहीं बैठेंगे।
सात घंटे तक चली कई दाैर की वार्ता
आईजी जोन आगरा दीपक कुमार, डीएम विशाख जी., एसएसपी संजीव सुमन, एडीएम प्रशासन पंकज कुमार, एसपी देहात मुकेश चंद्र उत्तम आदि अफसरों ने अपरान्ह 12 बजे नूरपुर में राकेश टिकैत से वार्ता की, लेकिन मांगों को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। इसके बाद टप्पल थाने में जनसुनवाई कक्ष में कई दाैर में करीब सात घंटे तक बातचीत हुई। शाम करीब सवा चार बजे राकेश टिकैत जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकले। इसके बाद दोबारा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मांगें मान ली गई हैं। नोएडा में हमारे 168 कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया था, उन्हें छोड़ दिया गया है। अन्य मांगें भी मान ली गई हैं।
कासगंज-अलीगढ़ मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास
भारतीय किसान यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव व तहसील अध्यक्ष जगदीश यादव को किसानों के साथ सीओ अतरौली सर्जना सिंह और थानाध्यक्ष गंगीरी सुमित गोस्वामी ने गांव बिलोना व मलसई के बीच रोक लिया। किसान नोएडा की महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को टप्पल बाॅर्डर पर यमुना एक्सप्रेस वे पर पुलिस ने पकड़ लिया है और टप्पल थाने ले आई है। इस पर गुस्साए किसानों ने कासगंज-अलीगढ़ मार्ग पर बैठकर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाते हुए सड़क से एक ओर कराते हुए एक दुकान पर बिठा दिया। शाम तक सभी किसान यहीं पर धरने पर बैठे रहे। यहां जिला उपाध्यक्ष अब्दुल रियाज, वासिब शेरवानी, प्रधान बनी सिंह यादव, प्रधान बबलू यादव, दिनेश यादव, योगेश कुमार, रिंकू यादव, पप्पू सिंह, कैलाश चंद्र, पवन शर्मा, अजय कुमार आदि थे।