वाहन विक्रेताओं का मानना है कि समस्या सिर्फ सख्ती की नहीं, बल्कि प्रक्रिया और जागरूकता की भी है। कई लोग स्लॉट, प्रक्रिया या अतिरिक्त खर्च के चलते नंबर प्लेट लगवाने में देरी कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग कार्रवाई के डर के बावजूद इसे टाल रहे हैं। इनका मानना है कि जब तक नियमों के पालन को आसान और प्रभावी नहीं बनाया जाएगा, तब तक थाने भरते रहेंगे और सड़क सुरक्षा का लक्ष्य अधूरा ही रहेगा।
प्रत्येक वाहन के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य है। अगर वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों से अपील है कि जहां से वाहन खरीदे गए हैं, वहां जाकर तत्काल नंबर प्लेट वाहन पर लगवाएं।- प्रवीण कुमार यादव, एसपी, ट्रैफिक
जीटी रोड स्थित बाइक शोरूम में रखीं एचएसआरपी प्लेट
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क्या है नियम
जीटी रोड स्थित एक विक्रेता ने बताया कि प्रत्येक वाहन के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अनिवार्य है। 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों पर भी ये नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है लेकिन अलीगढ़ में वाहन स्वामी इसलिए इन्हें नहीं लगवा रहे क्योंकि इन प्लेट के जरिए उनके पास चालान आ सकता है। इसलिए लोग नए वाहन खरीदकर ले जाते हैं लेकिन नंबर प्लेट लेने के लिए वापस पलटकर नहीं आ रहे। यह स्थिति तब है जब जिले में हर महीने औसतन 300 से ज्यादा वाहनों की बिक्री हो रही है और इनमें से 150 भी नंबर प्लेट लेने वापस नहीं आ रहे। फोन करने पर वाहन स्वामी धमकी देते हैं कि मेरी गाड़ी, मेरी मर्जी, तुम कौन होते हो मुझे ऑर्डर देने वाले।
पांच दिन में 1261 स्कूटी-बाइक पहुंचे थाने
पुलिस ने बीते पांच दिन में 1261 दोपहिया वाहनों को सीज किया है। इसके अलावा 770 वाहनों के चालान किए हैं। सबसे ज्यादा एक दिन में 17 अप्रैल को 111 स्कूटी-बाइक सीज की गईं और 394 चालान काटे गए। इन वाहनों को बन्नादेवी, क्वार्सी, सासनी गेट, गांधी पार्क, महुआखेड़ा और देहली गेट पुलिस थाना में रखा गया है।