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यूपी: पहले इश्क के लिए कत्ल, फिर प्रेमिका की हत्या, सामने आया राज

Fri, 03 May 2019 02:37 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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यह घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। टप्पल के हामिदपुर में जिस प्यार के लिए प्रेमी संग मिलकर प्रेमिका ने गांव के गेस्ट हाउस चौकीदार की हत्या की, उसी प्रेमी ने महज छह दिन में मन भरने पर प्रेमिका को भी मौत के घाट उतार दिया। खास बात है कि चौकीदार की बेरहमी से हत्या कर प्रेमिका के घर में ही उसकी लाश को डीजल छिड़ककर फूंक दिया और प्रेमिका परिवार ने भी उसे अपनी बेटी की लाश के लोथड़े मानकर यह सार्वजनिक कर दिया कि शादी के लिए हुए रिश्ते से नाखुश होकर बेटी ने सुसाइड कर लिया है। मगर जब कई दिन तक चौकीदार गायब रहा और उसके परिवार ने पुलिस तक शिकायत की तो एसएसपी का माथा ठनक गया।

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एसएसपी के निर्देश पर पिछले 24 घंटे में जो रहस्य उजागर हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला निकला। फिलहाल पुलिस ने आरोपी प्रेमी को हिरासत में लेकर बुलंदशहर के ककोड़ थाना क्षेत्र में नहर से प्रेमिका का शव बरामद कर लिया है। वहीं उसके साथ प्रेमिका की हत्या में शामिल रहे उसके भाई की तलाश भी चल रही है। उम्मीद है कि शुक्रवार को इस पूरे प्रकरण से पुलिस पटाक्षेप कर देगी।

शादी तय होने पर बनी हत्या कर भागने की प्लानिंग
वाकये के अनुसार हामिदपुर में बिन मां-बाप की 17 वर्षीय किशोरी के संबंध अपने विवाहित भाई के दोस्त रवेंद्र सिंह पुत्र विजय सिंह गुर्जर से थे। दोनों गांव के एक गेस्ट हाउस में चोरी छिपे मिलते थे। इसी बीच दो भाई व एक विवाहित बहन के बाद सबसे छोटी किशोरी का परिवार ने बड़ी बहन के देवर संग रिश्ता कर दिया। 9 अप्रैल को गोद भराई की रश्म भी पूरी हो गई। इसके बाद दोनों ने घर से भागने का प्लान बनाया। इसी बीच दोनों के बीच मंत्रणा हुई कि क्यों न किसी को जलाकर मार दें और उसे घर वाले किशोरी की लाश समझ लेंगे। इसके बाद हम हमेशा के लिए साथ रहेंगे। 

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चौकीदार की हत्या कर शव फूंका, परिवार ने मानी बेटी की लाश

किशोरी के दोनों भाई काम के वास्ते बाहर रहते हैं और वह घर में कानों से दिव्यांग भाभी संग रहती थी। इसलिए 11 अप्रैल को दोनों ने गेस्ट हाउस के चौकीदार किशोर चंद्र (62) पुत्र तोड़ीराम  निवासी हामिदपुर की हत्या की। उसके गुप्तांगों तक को यह दर्शाने के लिए काट दिया कि जलने पर उसे लोग महिला का शव समझेंगे। इसके बाद उसकी लाश को किसी तरह किशोरी के घर में ले जाया गया और वहां उस पर डीजल डालकर उसे फूंक दिया गया। इसके बाद दोनों वहां से रात में गायब हो गए। 12 अप्रैल की तड़के जब उसकी भाभी और बाहर रहने वाले बाबा ने जली हुई लाश देखी तो मान बैठे कि यह उनकी बेटी की लाश है। उन्होंने यही माना कि वह शायद इस रिश्ते से खुश नहीं होगी, इसलिए उसने सुसाइड कर लिया। यही बात कहकर परिजनों ने टप्पल पुलिस को सूचना दी और लिखित में यह भी दिया कि उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी। इसके बाद पुलिस ने भी पंचायतनामा भर शव के रूप में जले हुए मांस के लोथड़े परिवार को सौंप दिए। जिनका परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।

चौकीदार के बेटे के शक पर घटना से पूरा रहस्य उजागर हुआ
इधर, जब चौकीदार घर नहीं लौटा तो उसके बेटे राजेंद्र ने 12 अप्रैल को खोज करते हुए 13 अप्रैल को पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी। राजेंद्र अपने पिता को तलाश रहा था, इसी बीच उसे किशोरी के गायब होने की खबर लगी और जानकारी में आया कि किशोरी अपने प्रेमी संग गेस्ट हाउस में मिलकर रंगरलियां मनाते थे, जिस पर उनके पिता ने टोका-टाकी की थी। कहीं उनके पिता की उन्हीं दोनों या किशोरी के परिजनों ने हत्या तो नहीं कर दी। इस अंदेशे पर राजेंद्र बुधवार को टप्पल ब्लाक प्रमुख संग एसएसपी से मिला। जहां पूरे वाकये की लिखित शिकायत दी। इस शिकायत पर एसएसपी ने एसपी देहात व सीओ खैर को लगाया और जांच शुरू हुई तो गुरुवार सुबह होते-होते पूरा भेद खुल गया। 

अब मन भरने और हत्या के डर से बचने को मार डाली प्रेमिका
पुलिस ने सबसे पहले किशोरी के प्रेमी रवेंद्र को हिरासत में लिया तो उसने पूछताछ में सब कुछ उगल दिया। उसने बताया कि चौकीदार की हत्या के बाद वह 12 अप्रैल की रात बाइक से प्रेमिका को लेकर अपनी बहन के यहां पलवल पहुंचा। वहां पांच-छह दिन रहने के बाद प्रेमिका शादी का दबाव बनाने लगी। मगर पता नहीं क्यों उसका मन प्रेमिका से भर गया और यह भी डर था कि अगर यह जिंदा मिल गई तो चौकीदार की हत्या में जेल जाना पड़ेगा। यह सोचकर उसने अपने भाई भोलेंद्र की मदद से प्रेमिका को भी ठिकाने लगाने की प्लानिंग बनाई। इसी प्लानिंग के तहत वह 16 अप्रैल की रात पलवल से बाइक पर प्रेमिका को लेकर ककोड़ पहुंचा, जहां दूसरी बाइक पर उसका भाई भी था और वहीं रात के अंधेरे में दोनों ने मिलकर गला दबाकर प्रेमिका की हत्या कर दी और उसे नहर में बहा दिया। इस सूचना पर सीओ खैर ने ककोड़ पुलिस से संपर्क किया तो वहां से जानकारी हुई कि 21 अप्रैल को एक किशोरी का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त न हो पाने पर वहां पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करा दिया। जिसकी कपड़ों व फोटो के हुलिया के आधार पर परिजनों ने पहचान कर ली है। डीएनए मिलान के लिए सैंपल भी रखा गया है। अब पुलिस किशोरी के शव का डीएनए सैंपल भी मिलान के लिए भेजेगी।
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किशोरी के परिवार के लोग मिले एसएसपी से

बुधवार को चौकीदार के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने हरकत में आकर किशोरी के भाइयों को हिरासत में ले लिया था। इस पर किशोरी के परिजन भाकियू नेताओं संग एसएसपी से मिले। उन्होंने बताया कि बेटी की मौत जलने से हुई है। दूसरा पक्ष बेवजह की बातें कर रहा है। इस पर एसएसपी ने उन्हें समझाकर वापस भेजा कि टीम लगी हुई है। जल्द तस्वीर साफ हो जाएगी। 

पीएम न कराने पर इंस्पेक्टर टप्पल के खिलाफ होगी विभागीय जांच
इस मामले में एसएसपी ने एसपी देहात से रिपोर्ट तलब की है, जिस पर इंस्पेक्टर टप्पल के खिलाफ विभागीय जांच होगी। एसएसपी का तर्क है कि जब मौके पर यह पाया गया कि डीजल डालकर किसी को जलाया गया है तो उसका पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया। शव को पंचनामा भर परिवार के सुपुर्द क्यों कर दिया गया। अलग बात है कि उस समय किसी का विरोध नहीं था और कोई शिकायती नहीं था। मगर डीजल से जलाकर मारना खुद में हैरानी की बात है।

पहले भी एक युवती को फंसाकर लाया था आरोपी
सीओ खैर पंकज श्रीवास्तव के अनुसार अब तक की जांच में यह तथ्य आया है कि इससे पहले भी एक युवती को आरोपी कहीं से लेकर आया था, जिसे बाद में परिजन बरामद करके ले गए थे।

इस दोहरे हत्याकांड में अब तक प्रेमी से पूछताछ में जो तथ्य उजागर हुए हैं, उसके आधार पर यही बात सामने आई है कि चौकीदार को मारकर उसे जलाकर यह दर्शाने की कोशिश की गई कि वह प्रेमिका की लाश है। इसके बाद चौकीदार की हत्या में फंसने के डर से प्रेमिका को भी मार दिया गया। बाकी पूछताछ में और तथ्य उजागर होंगे। आरोपी के भाई की तलाश जारी है। आरोपी पूर्व में 307 के मुकदमे में जेल जा चुका है। - आकाश कुलहरि, एसएसपी
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