श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्री वार्ष्णेय मंदिर में 16 अगस्त दोपहर सुरक्षा इंतजाम देखने पहुंचे सीओ-एसएचओ व अन्य पुलिसकर्मियों का जूते पहनकर जाना विवाद का कारण बन गया। उनका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बाद में खुद सीओ को मंदिर कमेटी के प्रबंधक के साथ सफाई देनी पड़ी।
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16 अगस्त दोपहर सीओ द्वितीय कमलेश कुमार, एसएचओ गांधीपार्क राजवीर सिंह परमार पुलिसकर्मियों संग मंदिर के सुरक्षा इंतजाम देखने पहुंचे। उस समय मंदिर कमेटी के प्रबंधक राधेश्याम व अन्य पदाधिकारी भी उनके साथ थे। मंदिर के भूतल वाले हिस्से में हॉल के आसपास घूमते हुए उन्होंने वहां बैरिकेड लगवाने के निर्देश दिए। बाद में बाहर आ गए। मंदिर परिसर में जूते पहनकर घूमते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। खुद पुलिस के मीडिया सेल ने भी मंदिर भ्रमण के समय वह फोटो जारी किया। मगर कुछ ही देर में अंदर जूते पहनते हुए का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बात अधिकारियों तक पहुंची तो आनन-फानन फोटो हटा दिया गया, फिर से सीओ मंदिर पहुंचे। वहां मंदिर कमेटी प्रबंधक से वार्ता करते हुए सफाई दी कि वे मुख्य मंदिर परिसर में नहीं गए, हॉल परिसर में ही रहे। जहां मंदिर के लोग भी जूते-चप्पल पहनकर जाते हैं, वे भी आस्थावान व्यक्ति हैं। उनकी मंशा गलत नहीं थी। मंदिर प्रबंधक राधेश्याम ने भी बयान जारी किया कि जिस हिस्से में वे जूते पहनकर घूमे थे वहां आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं है।