जिला योजना समिति की बैठक में सांसद सतीश गौतम के विवादित बयान से सभी अफसर सन्न रह गए। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ में सिंचाई विभाग की नहर की जमीन पर मुस्लिमों ने कब्जा कर रखा है, अधिकारी उन बस्तियों में जाने से डरते हैं। यदि यह बस्ती हिंदुओं की होती तो अब तक उजाड़ देते।
दरअसल, कलेक्ट्रेट में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक के दौरान सभी विभागों की समीक्षा हो रही थी। जब सिंचाई विभाग की समीक्षा का नंबर आया तब सांसद सतीश गौतम ने कहा कि जवां बंबा से लेकर मंजूरगढ़ी तक सिंचाई विभाग की जमीन पर मुस्लिमों ने अवैध कब्जा कर बस्तियां बसा ली हैं। अलीगढ़ के अधिकारी मुस्लिमों की बस्ती में जाने से डरते हैं, इसलिए वहां से कब्जा नहीं हटाया जा रहा है। अगर, हिंदुओं की बस्ती होती तो उजाड़ दी जाती। सांसद के इस बयान पर बैठक में मौजूद सभी अधिकारी सन्न रह गए।
प्रभारी मंत्री ने तत्काल बात का संभालते हुए बैठक को आगे बढ़ा दिया। लेकिन सांसद सतीश गौतम यहीं नहीं रुके, उन्होंने बैठक खत्म होने के बाद एक बार फिर से इसी बात को दोहरा दिया और कहा कि डीएम साहब ने आश्वासन दिया है कि वह कब्जा हटवाएंगे। हालांकि, इस बयान को लेकर जब पत्रकारों ने उनसे वीडियो रिकॉर्डिंग में यह बयान देने के लिए कहा तो वह टाल गए। बता दें कि सिंचाई विभाग की इस जमीन से अवैध कब्जा हटवाने को लेकर कमिश्नर स्तर से पहले भी आदेश जारी हो चुके हैं। मगर, मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर भी दिया था बयान
सांसद सतीश गौतम द्वारा विवादित बयान देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से जुड़े कई विवादित बयान दे चुके हैं। एएमयू में लगी जिन्ना की तस्वीर हटाने संबंधी बयान को लेकर काफी विरोध हुआ था।
सड़कों की गुणवत्ता जांचेगी तीन सदस्यीय कमेटी, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई
जिला योजना समिति की बैठक में रविवार को 384 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। जिला योजना में प्रत्येक विधानसभा में एक मिनी स्टेडियम, खैर-टप्पल मार्ग पर ट्रॉमा सेंटर, सरकारी स्कूलों के भवनों का सुधार, अनुसूचित जाति के छात्रावासों का जीर्णोद्धार समेत तमाम विकास कार्यों पर मुहर लगी। सड़कों की खराब स्थिति पर प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने डीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी के गठन का एलान किया। यह समिति नवनिर्मित व निर्माणाधीन सड़कों की जांच करेगी और शासन को रिपोर्ट देगी। गड़बड़ी पाए जाने पर ठेकेदार व कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला योजना समिति की बैठक रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा की अध्यक्षता में हुई। मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने संचालन करते हुए सभी विभागों को वित्तीय वर्ष 2020-21 की जिला योजना का ब्योरा देने और आगामी वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पेश करने को कहा।
इसके बाद विधायकों ने जिले में निर्माणाधीन और नव निर्मित सड़कों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए तो प्रभारी मंत्री ने तीन सदस्यीय कमेटी के गठन का निर्देश दिया। साथ ही, जिन-जिन स्थानों पर अमृत योजना के तहत पाइप लाइन के लिए सड़क खोदी गई है, उन सभी स्थलों का रोस्टर बनाकर हर विधायक को उनकी विधानसभा इलाके में खोदी गई सड़क का निरीक्षण कराने का आदेश जल निगम को दिया गया। वहीं, बाबरी मंडी व चंदनिया में बने अनुसूचित जाति के छात्रावासों की दशा सुधारने का निर्देश समाज कल्याण विभाग को दिया।
बैठक में सांसद सतीश गौतम, शहर विधायक संजीव राजा, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, खैर विधायक अनूप प्रधान, छर्रा विधायक रवेंद्रपाल सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य चौधरी नत्थी सिंह, महिला आयोग की सदस्य रामसखी कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह, डीएम चंद्रभूषण सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल, एसडीएम कोल/एसीएम-2 रंजीत सिंह, सीएमओ बीपी कल्याणी, पीडी डीआरडीए सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।
हर विधानसभा में बनेगा मिनी स्टेडियम
शहर की सभी विधानसभाओं में खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा मिनी स्टेडियम बनाया जाएगा। इसमें विधायकों की ओर से विधायक निधि का भी योगदान दिया जाएगा। साथ ही जितने भी स्कूल खराब पड़े हैं, उन सभी का जीर्णोद्धार विधायक निधि व प्रशासन की ओर से किसी भी मद से उपलब्ध कराए बजट से होगा।
जिला योजना में विभिन्न विभागों को मिला बजट
1- लघु सिंचाई विभाग को 1729.82 लाख रुपये लघु एवं सीमांत कृषकों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए।
2- पशुपालन विभाग को 10006.63 लाख रुपये पशु स्वास्थ्य एवं रोग निदान/पशु चिकित्सालय के निर्माण के लिए।
3- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2608.00 लाख रुपये ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार सृजन के लिए।
4- रोजगार कार्यक्रम मनरेगा 11385.19 लाख रुपये से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए।
5- पंचायती राज विभाग को 2375.20 लाख रुपये बहुउद्देशीय पंचायत भवन, सीसी रोड, केसी ड्रेन के निर्माण के लिए।
6- राजकीय नलकूप विभाग को 558.69 लाख रुपये नलकूपों के आधुनिकीकरण एवं नलकूपों की स्थापना के लिए।
7- लोक निर्माण विभाग को 3158.69 लाख रुपये सड़क एवं पुल निर्माण के लिए।
8- वन विभाग को 895.58 लाख रुपये शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में वानिकीकरण के लिए।
9- दुग्ध विकास को 663.57 लाख रुपये दुग्ध उत्पादन में वृद्धि एवं दुग्ध उत्पादकों/समितियों के पुनर्गठन के विस्तार के लिए।
10- प्राथमिक शिक्षा को 5891.09 लाख रुपये मिड-डे-मील/ सर्व शिक्षा अभियान के लिए।
11- माध्यमिक शिक्षा को 640.00 लाख रुपये अतिथि विषय विशेषज्ञों के मानदेय/राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए।
12- स्वास्थ्य विभाग को 1555.58 लाख रुपये भवन निर्माण, बिजली, पानी की सुविधा व परिवार कल्याण कार्यक्रम के लिए।
13- प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1460.40 लाख रुपये आवास निर्माण के लिए ।
प्रभारी मंत्री ने 51 दिव्यांगों को दी ट्राई साइकिल, सजा रह गया मंच
दिव्यांगजन कल्याण विभाग की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में दिव्यांगों को उपकरण प्रदान करने के लिए कैंप आयोजित किया गया था। प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने 51 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल प्रदान की। हालांकि यहां सजाया गया मंच अतिथियों का इंतजार ही करता रह गया। मंच पर न तो कोई विधायक चढ़ा और ही कोई अधिकारी।
खेरेश्वर मंदिर बनेगा पर्यटन स्थल
खेरेश्वर मंदिर को पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। इसके लिए करीब 20 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने कार्ययोजना तैयार करने के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने बिजौली गांव में बने मंदिर को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग को आदेश दिया।