औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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थाना-चौकी स्तर पर होने वाली शांतिभंग की कार्रवाई को लेकर चंडौस पुलिस और एसडीएम गभाना विनीत उपाध्याय आमने-सामने आ गए हैं। चंडौस पुलिस ने एसडीएम के खिलाफ थाने की जीडी पर तस्करा डाला है। थाना पुलिस का आरोप है कि शांतिभंग के आरोपियों को एसडीएम की अदालत में पेश करने पर बैरंग वापस किया जा रहा है। न तो इन आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है और न जमानत दी जा रही है। उधर, एसडीएम विनीत उपाध्याय ने कहा कि अवैध खनन को लेकर उन्होंने एसओ के खिलाफ पत्राचार किया है, जिससे चंडौस के कोतवाल खिसियाये हुए हैं। इसी वजह से गलत बयानी कर रहे हैं।
चंडौस थाने के सिपाही मुनेश्वर की ओर से एसडीएम गभाना विनीत उपाध्याय पर अभद्र व्यवहार कर अपमानित करने, थानाध्यक्ष को अपशब्द कहने और शांतिभंग से संबंधित कागजात फेंकने के आरोप लगाते हुए यह तस्करा चंडौस थाने की जीडी में डाला गया है। इस बाबत सिपाही की ओर से थानाध्यक्ष, सीओ को पत्र भेजा गया है। मामला एसएसपी, डीएम तक भी पहुंच चुका है।
सिपाही मुनेश्वर के अनुसार मंगलवार को गांव किनुआं के तीन लोगों को शांतिभंग की कार्रवाई पर एसडीएम के समक्ष पेश किया गया था। एसडीएम ने दुर्व्यवहार करते हुए तीनों आरोपियाें को थाने में वापस भेज दिया। इससे पहले भी आठ नवंबर को गांव ओगीपुर निवासी एक व्यक्ति को शांतिभंग में एसडीएम के समक्ष पेश किया था। उसे भी वापस कर दिया था। इन चारों आरोपियों को बाद में थाने से ही जमानत देनी पड़ी।
मैंने अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की और इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध होने पर अधिकारियों से पत्राचार किया, यही बात इंस्पेक्टर को नागवार गुजरी है। इसीलिए वह ऐसी बातें कर रहे हैं। दूसरा नियमत: शांतिभंग के आरोपियों के कागजात अदालत में स्टेनो के समक्ष दिए जाने चाहिए, लेकिन सिपाही ने सीधे उनकी टेबल पर कागजात रखे थे। जो गलत है।
- विनीत उपाध्याय
एसडीएम गभाना।
एसडीएम द्वारा शांतिभंग के मामले में आरोपियों को लौटाए जाने का मामला संज्ञान में है। जिलाधिकारी को प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। जिलाधिकारी अपने स्तर पर निर्णय लेंगे।
- राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी।