अलीगढ़ (ब्यूरो)। हरदुआगंज में हुए गैंगरेप के बाद बिटिया की हत्या की गुत्थी सुलझाने का पुलिस ने दावा किया है। इस मामले के मुख्य आरोपी चतरा उर्फ मनोज निवासी गुरसिखरन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि बिटिया के प्रति आकर्षण, उसके द्वारा भाव न देकर बुरा-भला कहने और चांटा मारने के चलते बदले की कार्रवाई के कारण घटना को अंजाम दिया गया। चतरा ने इस वारदात में अपने दो साथियों और भाई की मदद ली थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। एक अन्य संदिग्ध भी पुलिस हिरासत में है, जिससे पूछताछ जारी है।
उधर, बिटिया के परिजनाें ने पुलिस के खुलासे पर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि दो-तीन दिनाें में सुबूत सहित सही आरोपियों को नहीं पकड़ा किया तो आत्मदाह करेंगे। रविवार को सिविल लाइंस में एसपीआरए संसार सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर बिटिया की हत्या का खुलासा किया। उन्हाेंने बताया कि चतरा ने कई बार अपने बड़े भाई से बिटिया के बारे में जिक्र किया था। वह इस बात को लेकर परेशान रहता था कि लड़की उसे भाव नहीं देती। कुछ कहते ही डांट देती है। एक बार उसे रास्ते में रोकने पर चांटा जड़ दिया था।
बिटिया की बड़ी बहन भी चतरा पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करा चुकी है। चांटा खाने के बाद से वह बदले की आग में सुलग रहा था। इसके बाद साजिश के तहत 18 दिसंबर को उसने मारहरा एटा के मोबाइल टॉवर पर नौकरी कर ली। वहां से आते वक्त अपना मोबाइल बंद कर वहीं छोड़ आता था। यहां आकर बिटिया की रेकी करता था। इस साजिश में उसकी मदद गोल्डी उर्फ राहुल निवासी बरौला बन्नादेवी व गोल्डी करते थे।
उन्हाेंने 23 दिसंबर की सुबह बिटिया को घटनास्थल के पास घेर लिया। वे दो बाइकों से आए थे। बाइकें गन्ने के खेत के पीछे कच्चे रास्ते पर छिपाकर खड़ी की गई थीं। आरोपी ने बताया कि केवल उसनेे बिटिया से दुष्कर्म की कोशिश की। विरोध करने पर गला दबाकर मार डाला। दोनों साथी उसकी मदद कर रहे थे। घटना को अंजाम देने के बाद वह मारहरा पहुंच गया। इस दौरान फोन पर लगातार गांव में मौजूद अपने बड़े भाई सुखवीर से रिपोर्ट लेता रहा।
भाई ने उसे 23 दिसंबर को हाजिरी रजिस्टर में अपनी ड्यूटी दर्ज कराने की सलाह दी थी। एसपीआरए के अनुसार, अभी गोल्डी, सुखवीर व गोल्डी के दोस्त पकड़ से बाहर हैं। एक अन्य अरविंद नामक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। वह बिटिया की बड़ी बहन से छेडख़ानी में जेल जा चुका है। इस घटना में अरविंद की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। प्रेस वार्ता में एसडीएम कोल, सीओ अतरौली, सीओ बरला, एसओ हरदुआगंज, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, एसओजी प्रभारी आदि मौजूद थे।