फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व सांसद नवाब सिंह चौहान के बेटे को थाने के सामने सिपाहियों ने पीटा

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, जवां (अलीगढ़)।
विज्ञापन

स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व सांसद स्व. नवाब सिंह चौहान के बुजुर्ग बेटे योगेंद्र सिंह चौहान संग सोमवार देर रात तीन सिपाहियों ने मारपीट कर दी। इसे लेकर कस्बे का माहौल तनावपूर्ण हो गया और खबर पर क्षेत्र के भाजपा विधायक ठा. दलवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। इस सूचना पर बुलंदशहर दबिश देने गए एसओ भी आनन-फानन लौटकर आए। उन्होंने योगेंद्र सिंह की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया। विधायक ने प्रकरण में एसएसपी से बात की है, जिन्हें सिपाहियों के निलंबन का भरोसा दिलाया गया है। इधर, पूर्व मंत्री व एमएलसी ठा. जयवीर सिंह ने भी प्रकरण में एसएसपी से लेकर डीजीपी तक से वार्ता कर पुलिसकर्मियों पर ठोस कार्रवाई के लिए कहा है।
हुआ यूं कि थाने पर एक सप्ताह पहले ही तैनात हुए सिपाही कुलदीप नागर की दोस्ती जिला मुख्यालय पर तैनात सिपाही कपिल व डायल-100 पीआरवी पर तैनात सिपाही जयकांत से है। कपिल व जयकांत निजी कार लेकर देर रात कुलदीप से मिलने जवां गए थे। थाने के ठीक सामने पूर्व संासद स्व.नवाब सिंह चौहान के बेटे योगेंद्र सिंह चौहान (72) का मकान है, जहां कुछ दुकानें भी बनी हैं। वाकया आठ बजे करीब का है, इन दोनों सिपाहियों ने अपनी कार उनके मकान के सामने लगा दी और कुलदीप आकर इनसे बातचीत करने लगा। इस पर यागेंद्र सिंह ने इन सिपाहियों से कार हटाने की बात कही। इसी बात पर योगेंद्र व सिपाहियों में बहस होने लगे। आरोप है कि इनमें से एक सिपाही ने योगेंद्र के एक थप्पड़ मार दिया। इसी बात पर बखेड़ा खड़ा हो गया। कुछ ही देर में वहां भीड़ जमा हो गई और खबर पर विधायक ठा. दलवीर सिंह भी थाने पहुंच गए।
विज्ञापन

उस समय एसओ अभय कुमार थाने में मौजूद नहीं थे। वे बुलंदशहर बॉर्डर के गांव में गोकशों के लिए दबिश देने गए थे। उन्हें जैसे ही खबर मिली, वे तत्काल थाने लौट आए। इस बीच योगेंद्र सिंह चौहान की ओर से तहरीर दी गई, जिसके आधार पर अज्ञात तीन सिपाहियों के खिलाफ मारपीट करने व खींचतान करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसओ ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों सिपाहियों की पहचान कुलदीप नागर, कपिल कुमार व जयकांत के रूप में हुई है, जिनके विषय में रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है। इधर, जिला मुख्यालय से तीनों के निलंबन की औपचारिकताएं देर रात की जा रही थीं।
थाने में खींचने का आरोप, स्टाफ ने नकारा
घटना को लेकर लोगों का आरोप है कि तीनों सिपाही योगेंद्र को पीटते हुए थाने के अंदर खींचकर ले गए थे। इस आरोप को थाने का स्टाफ नकार रहा है, जिसमें जांच की बात कही जा रही है। थाने पर घटना के समय महिला सिपाही पहरे पर तैनात थी। एसओ का कहना है कि सभी के बयान लेकर अधिकारियों को भेजे जाएंगे। जो जांच में आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
थाने में खींचना पाया तो अन्य स्टाफ भी कार्रवाई की जद में
पूर्व मंत्री व विधायक ठा. दलवीर सिंह ने कहा कि बुजुर्ग व्यक्ति को सिपाहियों ने पीटा और खींचकर थाने ले गए। इस मामले में एसएसपी ने सिपाहियों के निलंबन के आदेश दिए हैं। वे सुबह अधिकारियों से विस्तार से वार्ता करेंगे। थाने में अगर खींचकर ले जाने की पुष्टि होगी तो थाने के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
विज्ञापन

पुलिसकर्मियों की हरकत की निंदा, अफसरों से की वार्ता
पूर्व मंत्री व एमएलसी ठा. जयवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने जवां में योगेंद्र सिंह चौहान के साथ हुई घटना की तीखे शब्दों में निंदा की है। उन्होंने थाने ले जाकर मारपीट करने की घटना पर कहा कि हमारे बुजुर्गों के साथ इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मंत्री ने कहा कि योगेंद्र सिंह चौहान के पिता स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय नवाब सिंह चौहान कई बार राज्यसभा सांसद रहे। उनके परिवार के साथ यह घटना अमर्यादित व अमानवीय है। पूर्व मंत्री ने इस प्रकरण में डीजीपी, आईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदि वार्ता की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें