विकास कार्यों में धांधली की शिकायत करना रिटायर्ड शिक्षक को भारी पड़ा
बुजुर्ग शिकायतकर्ता को ही हवालात में डाल दिया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडौस। पुलिस अपने पर आए तो कुछ भी कर सकती है। इसकी बानगी सोमवार को चंडौस थानाक्षेत्र में देखने को मिली। गांव में विकासकार्यों में धांधली की शिकायत तहसील दिवस में करने पर 66 वर्ष के रिटायर्ड शिक्षक को जान से मारने की धमकी मिली। जब वह पुलिस से शिकायत करने पहुंचा तो उल्टा उसे शांतिभंग के आरोप में हवालात में बंद कर दिया। सुबह जमानत पर छूटे वृद्ध ने डीआईजी और एसएसपी से मिलकर शिकायत करने की बात कही है।
कस्बे की टीचर्स कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह सोलंकी रिटायर्ड अध्यापक हैं। 16 जून को उन्होंने डीएम के तहसील दिवस में चंडौस ग्राम पंचायत के विकासकार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे। छह जुलाई को इसकी जांच होनी थी। इधर शिक्षक ने बताया कि पांच जुलाई की दोपहर को उसके पास फोन आया तो शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस पर वह पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचा। आरोप है कि पुलिस ने उसे उल्टा शांतिभंग के आरोप में हवालात में बंद कर दिया। सोमवार सुबह जमानत के बाद उसे छोड़ा गया। कोतवाल सुरेश बाबू ने बताया कि हल्का इंचार्ज उसे खुद लेकर आए थे। शिक्षक जांच को लेकर कस्बे में ड्योड़ी पिटवा रहा था। इसकी कुछ लोगों ने शिकायत की थी। इससे शांतिभंग होने की आशंका थी। इसकी के चलते हल्का इंचार्ज उसे उठाकर लाए थे। उधर बीडीओ धीरेंद्र सिंह राघव ने बताया शिकायतकर्ता न होने के कारण मामले की जांच नहीं हो सकी है। अब अगली तिथि निर्धारित कर जांच की जाएगी।