अलीगढ़। देहली गेट थानाक्षेत्र के खटीकान मोहल्ले में बवाल के बाद रविवार रात खटीक समाज के पांच युवकों की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह-सुबह वहां लोग सड़कों पर उतर आए। गुस्साए महिला-पुरुषों ने थाने का घेराव कर लिया और जमकर हंगामा किया। महिलाओं की थानेदार व अन्य पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद महिलाएं देहली गेट चौराहे पर जाम लगाकर बैठ गईं। करीब दस बजे पुलिस द्वारा दो नाबालिगों के छोड़े जाने के बाद ही महिलाएं शांत हुईं और जाम खोला। बाद में पुलिस ने पकड़े गए तीन अन्य नामजदों को जेल भेज दिया। इसके बाद सभी महिलाएं गौरव के घर के बाहर रोजाना की तरह सड़क पर बैठ गईं और शाम तक बैठी रहीं। पुलिस ने देर रात दबिश देकर कटरा निवासी पंकज पुत्र श्यामबाबू, मनोज, संजय पुत्रगण उमराव सिंह निवासी नगला मसानी के अलावा नगला मसानी व खटीकान के दो अन्य नाबालिग हिरासत में लिए थे। यह कार्रवाई रात एक बजे से दो बजे के मध्य की गई। हालांकि रात से ही इस कार्रवाई के विरोध की सुगबुगाहट शुरू हो गई। मगर सुबह छह बजते ही सैकड़ों महिला-पुरुष व युवा इस कार्रवाई के विरोध में थाने पर एकत्रित हो गए। महिलाओं ने थाने पर कब्जा जमा लिया। एसओ के सामने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए सभी को निर्दोष बताया। साथ ही उन्हें छोड़ने की मांग की। पंकज को लेकर तर्क था कि कटरा का रहने वाला है। खैर रोड पर दुकान है। पता नहीं किस आधार पर नामजद कर दिया। इसी तरह दोनों भाइयों व नाबालिगों का भी घटना से कोई संबंध न होने की बात कही। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक के बाद महिलाएं चौराहे पर आ गईं और जाम लगा दिया। युवकों ने पुलिस के बैरियरों से चौराहा घेर लिया और वाहनों की आवाजाही बंद कर दी।इस खबर पर कुछ ही देर में आसपास क्षेत्र में तैनात कई थानों का फोर्स, आरएएफ, महिला पुलिस, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ प्रथम आदि भी पहुंच गए। लोगों को समझाने की तमाम कोशिश नाकाम रहीं। प्रशासन एक को नाबालिग मानते हुए छोड़ने की बात कह रहा था। तर्क था कि रात के अंधेरे में दबिश के दौरान नाम पूछे जाने पर नहीं बताया तो थाने तक लाना पड़ गया। पब्लिक दो को नाबालिग कह रही थी। घंटों तक इसी बात पर खींचतान चली। इसी बीच सबसे पहले भाजपा नेता संजीव राजा, फिर मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष दीपक मित्तल, जिलाध्यक्ष देवराज सिंह, विवेक सारस्वत, वैभव गौतम आदि भी पहुंच गए। अधिकारियों से वार्ता के बाद तय हुआ कि दोनों को पुलिस सामने ला दें अगर दोनों नाबालिग होंगे तो छोड़ दिए जाएंगे। सहमति बनने पर दोनों को बन्नादेवी से कड़ी सुरक्षा में लाया गया और थाने लाकर परिजनों के सुपुर्द किया। दस बजे चौराहे से जाम खत्म हो सका। एसओ के अनुसार पकड़े गए बाकी तीनों को जेल भेज दिया गया।