19 जुलाई से एक गांव से लापता नाबालिग बेटी की बरामद न होने से दुखी पिता ने शनिवार को थाने में विषाक्त पदार्थ पी लिया। यह देखकर तत्काल ही पुलिस कर्मी उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां से अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। बाद में उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। थाना पुलिस के अनुसार इलाज के बाद हालत खतरे से बाहर है।
गांव सिखरना खुर्द निवासी कक्षा नौ में पढ़ने वाली यह नाबालिग 19 जुलाई को स्कूल से नहीं लौटी तो परिजनों ने तलाश शुरू की। पिता भूरा सिंह ने गांव के ही दो युवकाें को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन नाबालिग का पता नहीं चल सका।
शनिवार की देर शाम नाबालिग का पिता भूरा सिंह परिजनों के साथ थाने पहुंचा और बेटी की बरामदगी न होने पर पुलिस पर आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगा। कुछ देर बाद ही अपने पास मौजूद एक बोतल से विषाक्त पदार्थ पी लिया। यह देखकर पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। कोतवाली निरीक्षक और सीओ को सूचना देने के साथ पुलिस कर्मी तत्काल उसे सीएचसी लेकर पहुंचे जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
सूचना पर सूचना शुभेंदु सिंह और निरीक्षक केपी सिंह सीएचसी पहुंच गए। सीओ ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज है। दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। नाबालिग की बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।