बैंकों से क्या नीरव मोदी, विजय माल्या, मेहुल चौकसी, ललित मोदी, विक्रम कोठारी जैसों को ही लोन मिलता है। बैंकों के सारे नियम कायदे और कानून हम जैसे छोटे लोगों के लिए ही हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाने वाले पीएम साहब एक तरफ लंदन के सेंट्रल हाल में कहते हैं कि हमारी सरकार के राज में देश तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। क्या यही है तेजी कि हम अपनी तीन बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम होने के लिए अपना व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। यह सवाल उठाया है अलीगढ़ की सुलेखा वर्मा अाैर उनके पति मनोज वर्मा ने।
टीवी पर प्रधानमंत्री द्वारा जारी मुद्रा लोन योजना का विज्ञापन देखकर दंपती इसी योजना में जनपद की लीड बैंक की सासनीगेट शाखा में आठ लाख के लोन के लिए आवेदन करते हैं। छह माह चक्कर लगाने के बाद प्रबंधक कहते हैं कि ऐसी कोई योजना ही नहीं है।
यह मार्मिक अपील केंद्र सरकार द्वारा जोर शोर से जारी बड़ी-बड़ी योजनाओं की जमीनी हकीकत बयां करने के लिए काफी है। पीड़ित दंपती सासनी गेट के कृष्णापुरी मठिया निवासी सुलेखा वर्मा व उनके पति मनोज वर्मा ने इस मामले में पीएमओ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं डीएम को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।
यह है मामला
कृष्णापुरी मठिया निवासी सुलेखा वर्मा व उनके पति मनोज वर्मा सोने चांदी के जेवर बनाने के कारीगर हैं। उनके घरों में यह पुश्तैनी काम होता है। वर्तमान में वह भाड़े पर यही काम करते हैं। उन्होंने बताया कि हमारी तीन बेटियां क्रमश: 10, 7 और 3 साल की हैं और हम उन्हें उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं। इसके लिए व्यापार बढ़ाने की गरज से हमने केनरा बैंक सासनीगेट शाखा में काम बढ़ाने के लिए आठ लाख का इस्टीमेट सहित मुद्रा योजना में लोन के लिए आवेदन किया था। साथ में पूरे परिवार का आधार कार्ड, जन्मतिथि के लिए हाईस्कूल के प्रमाणपत्र समेत अन्य सभी आवश्यक प्रमाणपत्र लगाए थे, लेकिन बैंक के मैनेजर पहले तो कल आना या परसों आना कहकर टालते रहे। पिछले दिनों यह कहकर चलता कर दिया कि ऐसी कोई योजना ही नहीं है। इस मामले में वे रजिस्टर्ड पत्राचार का जवाब तक नहीं दे रहे हैं। इस बाबत तमाम प्रयास के बाद भी बैंक प्रबंधक से वार्ता नहीं हो पाई।
क्या है मुद्रा योजना
आठ अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा बैंक का शुभारंभ किया था। इसकी फुल फार्म है माइक्रोयूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड।
प्रावधान
इस योजना को तीन हिस्सों में बांटा गया
1. व्यापार शुरू करने वाले यानी कि शिशु वर्ग-इसके दायरे में 50 हजार रुपये तक के कर्ज आते हैं।
2. मध्यम स्थित में कर्ज तलाशने वाले यानी कि किशोर वर्ग-इसके दायरे में 50 हजार से पांच लाख रुपये तक के लोन।
3. विकास के अगले स्तर पर जाने की चाहत रखने वाले यानी कि तरुण वर्ग-इसके दायरे में पांच से दस लाख तक के लोन
मुद्रा योजना में तीन वर्गों में लोन दिए जाते हैं। सासनीगेट शाखा में क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। प्रावधान के अनुसार इस योजना में अधिकतम दस लाख रुपये तक का लोन दिया जा सकता है।
-आनंद गर्ग, लीड बैंक मैनेजर
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए करें आवेदन
उपायुक्त उद्योग सुधांशु तिवारी ने बताया है कि भारत सरकार द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा एवं अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जनपद अलीगढ़ को 8880 यूनिट का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
योजना के अंतर्गत जनपद के युवक एवं युवतियों के रोजगार स्थापनार्थ तीन विभिन्न श्रेणियों में से किसी एक श्रेणी के अंतर्गत ऋण प्राप्त कर सकते हैं। प्रथम श्रेणी शिशु 50 हजार रुपये, द्वितीय श्रेणी किशोर 50 हजार से 5 लाख तक एवं तृतीय श्रेणी तरुण किशोर 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक ऋण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के हस्तशिल्पी कार्डधारकों को 6 प्रतिशत ब्याज उपादान की सुविधा प्रदान की जाएगी। जनपद के इच्छुक हस्तशिल्पी अभ्यर्थी जिला उद्योग कार्यालय एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक आस्थान आईटीआई रोड अलीगढ़ से संपर्क स्थापित कर सकते हैं।