जैसे निजी विद्यालयों में कक्षा एक से पहले प्ले ग्रुप, नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी होती है, उसी प्रकार अग सरकारी परिषदीय स्कूलों में बाल वाटिका के माध्यम से प्ले ग्रुप और यूकेजी की पढ़ाई होगी।
अलीगढ़ के निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सभी परिषदीय स्कूलों में भी प्ले ग्रुप और यूकेजी की पढ़ाई कराई जाएगी। यह सुविधा बाल वाटिका के माध्यम से उपलब्ध होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिषदीय स्कूलों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करना है।
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जिले के कुल 2115 विद्यालयों में बाल वाटिका के जरिये बच्चों को रोचक गतिविधियों के माध्यम से अंक और शब्दों का ज्ञान कराया जाएगा। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है, जिसमें पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी के चलते पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की आवश्यकता को समझते हुए यह पहल की जा रही है।
जिन परिषदीय विद्यालयों में पहले से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, वहां पर बाल वाटिका 1 से लेकर बाल वाटिका 3 तक की गतिविधियां संचालित होंगी। इन बच्चों को मिड डे मील जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। बीएसए राकेश कुमार सिंह के अनुसार यह नई व्यवस्था बच्चों में प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने और उन्हें स्कूली माहौल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।