अलीगढ़ की तीन वन रेंज में हुए पौधरोपण में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां न पौधे लगे और न ही गड्ढे लगे, इसके बाद भी करोड़ों का भुगतान हो गया। विभागीय जांच में अधिकारियों व रेंजर समेत करीब 20 लोग दोषी पाए गए हैं।
घोटाले की रकम करोड़ों में होने की वजह से रिपोर्ट शासन को भेजकर ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) से जांच करवाने की सिफारिश की गई थी। शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू कानपुर की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
ईओडब्ल्यू सीओ सोहराब आलम ने बताया कि तीन वन रेंज (अलीगढ़, इगलास व खैर) में करोड़ों का घोटाला हुआ है। यहां पर 2010 से 2012 के बीच पौधे लगाने व गड्ढों की खुदाई में करोड़ों रुपये अधिकारी व कर्मचारी डकार गए।
सीओ के मुताबिक जानकारी होने के बाद वन विभाग ने विभागीय जांच कराई। इसमें खुटाले की पुष्टि हुई है। इसमें अधिकारी व वन रेंजर शामिल हैं। जांच में करीब 20 लोग दोषी पाए गए हैं। विभागीय जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
सीओ ने बताया कि ईओडब्ल्यू को जांच शासन ने सौंप दी है। इंस्पेक्टर राधे श्याम द्विवेदी इसके विवेचक हैं। जांच पूरी होने के बाद दोबारा जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई होगी।
न पेड़ मिले न गड्ढे
इंस्पेक्टर राधेश्याम द्विवेदी ने बताया कि वन विभाग ने तीनों रेंज में लाखों पौधे लगाने का दावा किया गया। पौधों से लेकर गड्ढे की खुदाई तक के करोड़ों के टेंडर हुए और रकम भी मिली। जांच में पता चला कि बीस से तीस फीसदी ही पेड़ लगाए गए हैं। वहीं जो संख्या गड्ढों की बताई गई वो भी फर्जी थी। यानी कि विभाग ने केवल कागजों पर ही पौध रोपण किया गया।
बढ़ सकते हैं आरोपी
अभी 20 लोगों की भूमिका सामने आई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में वन रेंजर की भी भूमिका है। साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया गया है। आशंका है कि इसमें आरोपियों की संख्या बढ़ेगी। जिन-जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगें, उनका नाम जोड़ा जाएगा।
मामले में अभी थाने स्तर पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं है। इसलिए ईओडब्ल्यू की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने के लिए शासन से मंजूरी मांगी जाएगी। मंजूरी मिलते ही रिपोर्ट लिखकर विवेचना की जाएगी। तब आरोपियों पर भी कार्रवाई होगी।
- सोहराब आलम, सीओ ईओडब्ल्यू