मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना जिले में रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। योजना के तहत निजी बस संचालकों से अनुबंध कर ग्रामीण रूटों पर बसें चलाने की तैयारी थी, लेकिन 28 आवेदन मिलने के बावजूद किसी भी संचालक ने अनुबंध प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई है।
प्रदेश सरकार ने मार्च में योजना लागू कर ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से बेहतर बस सेवा से जोड़ने की पहल की थी। इसके लिए परिवहन निगम को चयनित रूटों पर निजी बस संचालकों के साथ अनुबंध करना है। हालांकि अब तक योजना को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका है।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि विभिन्न रूटों के लिए निजी बस संचालकों से 28 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया में किसी ने आगे रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि संचालकों से संपर्क कर योजना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संवाद