यहां मजदूरी पर बेल्डिंग का काम किया जाता है। इसकी आड़ में तमंचे बनाए जा रहे थे। छापे के दौरान पुलिस ने मौके से तमंचा बनाने की सामग्री, अर्धनिर्मित तमंचे बरामद कर संचालक नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उसने स्वीकारा कि वह पिछले तीन माह से इस धंधे में है। तैयार माल की सप्लाई गोंडा नूरपुर के मुकेश के जरिये देता है। मुकेश ही उसे ऑर्डर लाकर देता है।
उसने स्वीकारा कि वह 3000 से लेकर 3500 रुपये में एक तमंचा बेचता था। प्रतिमाह में 30 से 40 तमंचों की सप्लाई हो जाती थी। स्वीकारा कि निकाय चुनाव को लेकर अच्छी डिमांड आ रही थी। इसलिए माल तैयार किया जा रहा था। गुरुग्राम में पकड़ा गया रवि बाहर के जिलों व प्रांतों में सप्लाई देने जाता था। एसपी सिटी ने बताया कि नरेंद्र को जेल भेजा गया है और मुकेश की तलाश जारी है।
यह हुआ बरामद
बैरल 315 बोर की 16 कसी हुई बैरल पार्ट, .32 बोर की 11 कसी हुई बैरल पार्ट, 50 बैरल से जुडऩे वाला पार्ट 315 बोर, 4 बैरल से जुडऩे वाला पार्ट 32 बोर, 3 सड़ासी, प्लास, कटर, आरी, पेचकस, हथौड़ा, कारतूस,स्प्रिंग, गन पाउडर, 3 तमंचे चालू हालात में बरामद हुए हैं।