यमुना नदी के बहाव से भूमि का कटान होने से टप्पल क्षेत्र में यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच होने वाले विवाद जल्द समाप्त होने की उम्मीद हो गई है। अब यमुना नदी के दोनों ओर पिलर लगाए जाएंगे ताकि यमुना नदी का बहाव बदलने से कोई किसी की भूमि पर अपने कब्जे का दावा न कर सके।
हरियाणा और यूपी के अधिकारियों की बैठक के बाद मंगलवार को भूमि की पैमाइश की गई। इसमें प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश की खैर तहसील की नायब तहसीलदार प्रियंका शर्मा और पलवल के तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इस जमीन की लोक निर्माण विभाग भवन एवं सड़क द्वारा पैमाइश करवा कर पिलर लगवाने का कार्य हरियाणा और यूपी की सीमा में किया जा रहा है। इसके उपरांत किसानों को रिकॉर्ड के अनुसार उसपर कब्जा दिलाया जाएगा।
रिकॉर्ड के आधार पर किसानों को दिलाई जाएगी जमीन
प्रथम चरण में हरियाणा के गांव वली मोहम्मदपुर, मुर्तजाबाद, फाटस्को नगर तथा यूपी के गांव मालव, शेरपुर,धारागढ़ी, ऊटासानी, सहित अन्य गांवों का चकबंदी बंदोबस्त होगा। जिला राजस्व अधिकारी ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार ही हरियाणा व उत्तर प्रदेश के किसानों में भूमि का आवंटन करेंगे और रिकॉर्ड का आदान प्रदान भी किया जाएगा। एसडीएम शिशिर कुमार सिंह ने बताया कि एक माह के अंदर यूपी व हरियाणा के किसानों का विवाद समाप्त हो जाएगा। जमीन की पैमाइश कराकर चिन्हित की गई है। किसानों को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया जाएगा।