84 कोसी परिक्रमा में गांव मालव से धूल भरे कच्चे मार्ग से होकर गुजरतीं महिला श्रद्धालु। संवाद
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84 कोसी परिक्रमा अव्यवस्थाओं के बीच रविवार को प्रारंभ हो गई। इससे पहले टप्पल क्षेत्र में एसडीएम शिशिर कुमार, सीओ, एसडीओ व बीडीओ ने परिक्रमा मार्ग का मौके पर जाकर जायजा तो लिया, लेकिन शासन, प्रशासन की ओर से अभी तक श्रद्धालुओं के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा के लिए इंतजाम नहीं किए गए।
गांव मालव व जैदपुरा के ग्रामीणों के साथ ही 84 कोस की परिक्रमा दे रहे श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताई है। टप्पल की सीमा में यात्रा 11 किलोमीटर का हिस्सा आता है, जिसमें से यमुना पुल से गांव मालव तक करीब पांच किलोमीटर का हिस्सा कच्चा, धूल मिट्टी से भरा हुआ है। जहां किसी भी प्रकार से पानी के छिड़काब की व्यवस्था नहीं है। परिक्रमा दे रहे रही गुरुग्रमा की मोहिन सिंह, बल्लभगढ़ के हरिनाम का कहना है कि श्रद्धालुओं के पानी पीने के लिए न कोई टैंकर है, रात्रि में यात्रा करने के लिए व लाइट है, उनके आराम करने के लिए न कोई टैंट है, उनके शौचालय के लिए न कोई अस्थाई शौचालय हैं। एसडीएम शिशिर कुमार का कहना है कि टीम के साथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण करने के बाद दो मेडिकल कैंप, एक एंबुलेंस, जिला पंचायत की ओर से तीन बड़ी लाइट करा दी गई हैं। पानी और शौचायल के लिए आदेशित कर दिया है।