हाईकोर्ट के निर्देश पर जेएन मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ उपचार
हाईकोर्ट ने फरवरी माह में सीएमओ हाथरस को मेडिकल बोर्ड गठित कर गर्भपात कराने के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। सीएमओ स्तर पर मामले में अनदेखी हुई जिससे गर्भपात का समय निकल गया। इस पर हाईकोर्ट के निर्देश पर मार्च माह में नाबालिग गर्भवती को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, तब से यहां उसका उपचार चल रहा है। हाईकोर्ट के निर्देश पर नाबालिग के उपचार, प्रसव व पैदा होने वाले बच्चे की देखरेख आदि अगले आदेश तक मेडिकल कॉलेज में होगी और उसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।बुधवार की सुबह करीब 11 बजे प्रसव हुआ।
मेडिकल कॉलेज स्टाफ के अनुसार बच्चे का वजन 2 किलो 700 ग्राम है। पूरी जानकारी हाईकोर्ट को दी जाएगी। हाईकोर्ट का आदेश मिलने तक बच्चा मेडिकल कॉलेज में रहेगा। मेडिकल कॉलेज में मौजूद नाबालिग की मां से बातचीत का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने इतना ही कहा कि परिवार पहले से बच्चे को अपनाने को तैयार नहीं है। दुष्कर्म पीड़िता के अधिवक्ता मनमोहन शर्मा ने कहा कि वह पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयासरत हैं।