यह याचिका अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक राजेश चौहान की ओर से अधिवक्ता सतीश कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन ने सदन में 21 मार्च को बाबर व राणा सांगा से जोड़कर विवादित बयान दिया है। इससे क्षत्रिय समाज आहत है
सपा के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन द्वार सदन में दिए गए विवादित बयान पर क्षत्रिय समाज लगातार आंदोलित है। इसी क्रम में 5 अप्रैल को एमपी-एमएलए कोर्ट में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा सपा सांसद के खिलाफ याचिका दायर की गई है। इसमें विवादित बयान को लेकर मुकदमे का अनुरोध किया गया है। अदालत ने मामले में 11 तारीख सुनवाई के लिए नियत की है।
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यह याचिका अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक राजेश चौहान की ओर से अधिवक्ता सतीश कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन ने सदन में 21 मार्च को बाबर व राणा सांगा से जोड़कर विवादित बयान दिया है। इससे क्षत्रिय समाज आहत है। यह बयान समाज में विघटन करने, सपा व खुद को राजनीतिक व आर्थिक लाभ पहुंचाने की दृष्टि से दिया गया।
इस बयान के लिए सपा सांसद ने बाबरनामा को आधार बनाया है। मगर वह भी गलत है। याचिका में कहा गया है कि एसवी कॉलेज के इतिहास विभाग के प्रो.विवेक सिंह सेंगर ने तथ्य एकत्र किए हैं। उन्हें पढ़कर साफ होता है कि सांसद ने इतिहास नहीं पढ़ा। बाबर को भारत कौन लाया। इस तथ्य को याचिका में अदालत में पेश करने को भी कहा गया है।
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एडवोकेट सतीश कुमार सिंह के अनुसार मामले में फौजदारी के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है, जिसमें 11 अप्रैल तारीख मुकर्रर की गई है। इस दौरान गोपाल सिंह राणा, प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर शैलेंद्र पाल सिंह, तेजवीर सिंह चौहान, आचार्य भरत तिवारी, विवेक प्रताप सिंह, विकास राजपूत, भानु प्रताप सिंह आदि साथ रहे।