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Khair By Election Result: बसपा का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन, जमानत भी न बचा सके डॉ पहल सिंह

Sun, 24 Nov 2024 02:25 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

खैर विधानसभा उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी डाॅ. पहल सिंह समेत तीनों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। उपचुनाव में 760 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया है। इसमें 753 नोटा ईवीएम से व सात पोस्टल बैलेट से थे। 
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हार के बाद मतगणना केंद्र से लौटते बसपा प्रत्याशी डॉ पहल सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ के खैर विधानसभा उपचुनाव में बसपा को जोर का झटका लगा है। यह 22 साल में बसपा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई।

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2022 में खैर विधानसभा चुनाव में बसपा दूसरे नंबर पर थी। उपचुनाव में हार की समीक्षा शुरू हो गई है। इसकी जानकारी शीर्ष नेतृत्व को भी दे दी गई है। चुनाव में बसपा प्रत्याशी को 13,365 वोट मिले हैं, जबकि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रत्याशी को 8,269 वोट मिले हैं।

बसपा के स्थानीय नेताओं ने हार के तीन कारण माने हैं। खैर विधानसभा में बसपा केवल एक बार ही चुनाव जीती है। वर्ष 2002 में प्रमोद गौड़ ने बसपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। 2007, 2012, 2017 और 2022 में पार्टी दूसरे स्थान पर रही है।

पार्टी प्रत्याशी की हार हुई है। अब तक पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। हार की समीक्षा की जाएगी। कहां कमजोर रह गए, कहां कमी रह गई, इस पर मंथन होगा।- रतनदीप सिंह, अलीगढ़ मंडल प्रभारी, बसपा

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हार के तीन कारण

-भीम आर्मी ने की वोट बैंक में सेंधमारी
-सपा प्रत्याशी का जाटव समाज से होना
-बसपा प्रत्याशी का राजनीतिक पृष्ठभूमि न होना

अब तक यह रहा बसपा का प्रदर्शन
वर्ष, प्रत्याशी, मत प्रतिशत
  • 1991 झारिया 6.93
  • 1993 चंद्रप्रकाश 19.67
  • 2002 प्रमोद गौड़ 36.45
  • 2007 प्रमोद गौड़ 37.5
  • 2012 राजरानी 28.93
  • 2017 राकेश कुमार मौर्या 23.20
  • 2022 चारू कैन 25.98

बसपा समेत तीन प्रत्याशियों की जमानत जब्त
खैर विधानसभा उपचुनाव बसपा प्रत्याशी डाॅ. पहल सिंह समेत तीनों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। उपचुनाव में 760 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया है। इसमें 753 ईवीएम से व सात पोस्टल बैलेट से थे। बसपा के डाॅ. पहल सिंह, आजाद समाज पार्टी कांशीराम के नितिन चौटेल, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के भूपेंद्र कुमार धनगर समेत तीनों प्रत्याशी अपनी जमानत राशि को गंवा बैठे।

चुनाव आयोग के अनुसार जमानत राशि बचाने के लिए कुल डाले गए वोटों का छठा हिस्सा हासिल करना होता है। चुनाव में यदि प्रत्याशी को 16.67 प्रतिशत मत नहीं मिलते हैं तो उसकी ओर से जमा कराई गई जमानत धनराशि जब्त कर ली जाती है। जिस उम्मीदवार को इतने वोट मिल जाते हैं तो उसकी जमानत राशि लौटा दी जाती है। 
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