अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रति व्यक्ति आय बीते 12 वर्षों में दोगुनी हो गई है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में देश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 87,718 रुपये थी, जो वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 2,44, 800 रुपये हो गई है। इस परिप्रेक्ष्य में अलीगढ़ की प्रति व्यक्ति आय पर गौर करें तो यह भी दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।
वित्तीय वर्ष 2011-12 में अलीगढ़ की प्रति व्यक्ति आय 38,774 रुपये सालाना थी, जो दस वर्ष बाद 2021-22 में 66238 रुपये हो गई थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह 85,139 रुपये तक पहुंच गई है। सूबे में अलीगढ़ 23वें स्थान पर है। अलीगढ़ मंडल में कमाई के मामले में एक बार फिर एटा शीर्ष पर है, जिसने प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त किया है। एटा की प्रति व्यक्ति आय दस वर्षों में 67,720 से बढ़ कर 1,23,434 रुपये हो गई है। इसके बाद सूबे में 20वें स्थान पर हाथरस है, जिसकी प्रति व्यक्ति आय 53,192 से बढ़ कर 88,156 रुपये हुई है। 40वें स्थान पर कासगंज है, जिसकी प्रति व्यक्ति सालाना कमाई 36,757 से बढ़ कर 69,139 रुपये तक पहुंची है।
नौकरीपेशा लोगों की आय बढ़ रही है। दस वर्ष में इसी अनुपात में सबकी कमाई बढ़ी है। लगातार नये स्टार्टअप से लोगों को रोजगार मिल रहा है। अब लोग नकदी का निवेश कर रहे हैं। जिससे नये रोजगार बढ़ रहे हैं। इससे आय बढ़ रही है।- डॉ. इंदू वार्ष्णेय, अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, डीएस कॉलेज, अलीगढ़
प्रति व्यक्ति सालाना आय बढ़ने की सबसे बड़ी वजह इंफ्रास्ट्रक्चर और उच्च शिक्षा में हुआ विकास है। अब लोगों के कमाने और खर्च करने की शक्ति बढ़ रही है। हर साल हजारों फ्लैट और कारें बिक रही हैं। यकीनन हम सभी तरक्की कर रहे हैं।-राजीव वार्ष्णेय, सीए
बीते दस वर्ष में लोगों की आय बढ़ी है, इसी के अनुसार क्रय करने की शक्ति में इजाफा हुआ है। आज लोग संसाधनों से परिपूर्ण जीवन जी रहे हैं। अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों में आय के साधन भी बढ़े हैं।-प्रो.केसर आलम, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, एएमयू
रोजगार के नए साधनों से अब कमाई बढ़ रही है। इसमें हर वर्ष इजाफा हो रहा है। बीते दस वर्षों में आधारभूत संसाधनों में इजाफा होने से रोजगार और लोगों की कमाई बढ़ी है।-चंद्रभान चौधरी, जिला अर्थ एवं संख्या विभाग के अधिकारी, अलीगढ़