महाशिवरात्रि पर बुधवार-बृहस्पतिवार की रात 12 बजे के बाद शहर के अचलेश्वर महादेव और खेरेश्वर महादेव में बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे। महाआरती और अभिषेक के बाद मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। इसके बाद शिवभक्तों ने शिवजी को कांवड़ चढ़ाकर पूजा अर्चना की। बिना क्रम टूटे बम बम भोले, जय शिव शंकर, भोलेनाथ के जयकारे के बीच जलाभिषेक शुरू हो गया। भक्तों की भीड़ के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा।
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक को लेकर अचलेश्वर महादेव मंदिर और खेरेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार को दिन में तैयारियां चलीं। जिला प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों ने दोनों मंदिरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। खेरेश्वर महादेव मंदिर में भूमि अध्याप्ति अधिकारी संजीव ओझा व सीओ कर्मवीर सिंह ने मंदिर की व्यवस्थाएं परखीं। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह के साथ आवागमन मार्ग, दुकानें, मेला स्थल को देखा। मंदिर में 36 सीसीटीवी कैमरे व 200 सेवादारों को तैनात किया गया।
रात्रि दस बजे के बाद मंदिर परिसर में कांवड़ियों का इकट्ठा होना शुरू हो गया। रात 12 बजे महाआरती हुई। इसके बाद रुद्राभिषेक हुआ। रुद्राभिषेक के बाद कांवड़ियों के लिए जैसे ही द्वार खुले, वैसे ही जलाभिषेक के लिए होड़ मच गई। भोले नाथ पर पहले जल चढ़ाने को लेकर आपाधापी दिखी। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस कर्मियों तथा सेवादारों ने काफी मशक्कत की। अचलेश्वर महादेव मंदिर में रात्रि 12 बजे तक अभिषेक चला। इसके बाद कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। यहां पुलिसकर्मी व्यवस्था को संभाले रहे। सुबह के समय भीड़ कुछ सामान्य हुई। अब जैसे जैसे दिन चढ़ेगा, वैसे वैसे श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में बढ़ेगी।
बैरीकेडिंग से काबू रही स्थिति
अचलेश्वर महादेव मंदिर व खेरेश्वर महादेव मंदिर में बैरीकेडिंग की व्यवस्था की गई। इस बैरीकेडिंग की बदौलत दोनों जगह स्थिति सामान्य रही। रात्रि में जलाभिषेक शुरू होने के बाद लगभग डेढ़ बजे तक धक्कामुक्की जैसे हालात रहे।
कांवड़ चढ़ाने मंगलेश्वर महादेव पहुंचे भक्त
जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर पर भी श्रद्धालु कांवड़ चढ़ाने के लिए पहुंचे। रात्रि 12 बजे यहां भी भक्तों के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए थे।
अचलेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्घालू।- फोटो : CITY OFFICE
रामघाट रोड़ पर नंगे पैर कांवड लेकर जाती शिव भक्त।- फोटो : CITY OFFICE