लोकतंत्र के महापर्व के दूसरे चरण में गुरुवार को अलीगढ़वासियों ने बढ़चढ़कर भाग लिया और चुनाव शांतिपूर्वक निपट गया। मताधिकार की चाभी से अपनी किस्मत का ताला खोलने के लिए अलीगढ़ वालों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया और मतदान का आंकड़ा 62.95 फीसदी तक पहुंचा दिया।
हालांकि सुबह से ही पुलिस प्रशासनिक मशीनरी को ईवीएम में गड़बड़ी और मतदान बहिष्कार जैसी सूचनाएं दौड़ाती रहीं। जिसकी वजह से कई जगह मतदान देरी से शुरू हुआ, जबकि दिन भर अफवाहों व छोटी-छोटी बातों पर फर्जी मतदान की सूचनाओं ने भी खूब दौड़ाया। लेकिन अंत में जो रिजल्ट निकला उसमें अलीगढ़ फर्स्ट डिवीजन पास हो गया।
अकराबाद क्षेत्र के गांव नसेराबाद, विजयगढ़ के गांव गांगरौल, लोधा के गांव बिजौना बुजुर्ग और इगलास के गांव नगला झल्लू में मतदाताओं ने बहिष्कार किया और दो गांवों में डीएम-एसएसपी के समझाने के बाद भी मतदान नहीं हुआ।
शहर के आईटीआई रोड मतदान केंद्र और छर्रा के सिहावली मतदान केंद्र पर लाइन में लगने के विवाद में मतदाताओं में मारपीट हुई, जबकि शहर के ब्रह्मनपुरी इलाके के मतदान केंद्र पर एक दरोगा के व्यवहार से बखेड़ा खड़ा होने से बच गया। वहीं भुजपुरा में काफी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने के कारण वहां लोगों ने जाम लगाया, उन्हें भी पुलिस ने समझाकर शांत किया। देर शाम मतदान के बाद धनीपुर मंडी में ईवीएम जमा होने का काम शुरू करा दिया गया था।
सुबह 7 बजते ही दूसरे चरण का मतदान लोकसभा क्षेत्र की पांच और जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में शुरू हो गया। इनमें लोकसभा की शहर, कोल, बरौली, खैर व अतरौली विधानसभा के अलावा जिले की दूसरी संसदीय सीट हाथरस की सीट छर्रा व इगलास भी शामिल हैं। मतदान के लिए जिले में कुल 1045 मतदान केंद्र व 2136 मतदेय स्थल बनाए गए। इसके अलावा 7 पिंक मतदान स्थल और 28 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए।
मतदान की शुरुआत के साथ ही सबसे पहले मॉक पोल में 23 कंट्रोल यूनिट, 27 बैलेट यूनिट तथा 56 वीवी पैट मशीनें जवाब दे गईं। इसके चलते शहर के जाकिर हुसैन, खैर के जट्टारी, पिसावा, गंगीरी आदि के कई मतदान केंद्रों पर मतदान देरी से शुरू हुआ। इसी तरह अब्दुल्ला स्कूल के मतदान केंद्र और नगला पटवारी मतदान केंद्र पर ईवीएम की गड़बड़ी पर मतदान देरी से शुरू होने पर हंगामा हुआ।