पुजारिन कंचन लता के अनुसार 29 अगस्त शाम तीन कारों में कुछ लोग आए, उनमें से कुछ हथियार लिए थे। पूछने पर खुद को नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल बताया। मंदिर को खाली करने की कहने लगे। लेकिन जब श्रृद्धालु एकत्र होने लगे तो वापस चले गए।
कस्बे के दाऊजी मोहल्ला स्थित काली माता मंदिर पर बृहस्पतिवार शाम काली माता मंदिर पर पैमाइश करने पहुंचे कुछ लोगों को श्रद्धालुओं ने घेर लिया। विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद कार सवार वहां से चले गए। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
कस्बे का काली माता मंदिर का सम्राट पृथ्वीराज चौहान से जुड़ा होने की किवदंती है। कई इतिहासकारों ने इसका जिक्र किया है। पुजारिन कंचन लता के अनुसार 29 अगस्त शाम तीन कारों में कुछ लोग आए, उनमें से कुछ हथियार लिए थे। पूछने पर खुद को नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल बताया। मंदिर को खाली करने की कहने लगे। लेकिन जब श्रृद्धालु एकत्र होने लगे तो वापस चले गए। सूचना पर चेयरमैन राजेश यादव, बंटी चौहान, श्याम शर्मा, श्याम शर्मा प्रधान समेत गणमान्य लोग पहुंचे थे।
मामले में पुजारिन की ओर से जान माल का खतरा बताते हुए तहरीर दी गई है। एसएचओ विपिन कुमार ने बताया कि अतरौली के कुछ लोगों द्वारा लगभग एक पखवाड़े पहले जमीन का बैनामा कराया गया है, जो बृहस्पतिवार शाम को राजस्व टीम लेकर पैमाइश करने आए थे। तहरीर पर आरोपों की जांच पड़ताल की जा रही है।बता दें कि कस्बे के चंद्र किशोर पुत्र नाथूराम द्वारा बीते साल एसडीएम कोल को मेड़बंदी प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसे निरस्त कर दिया गया था।